एशिया

पाकिस्तान: व्यापक विरोध के बाद सरकार ने छात्राओं के लिए बुर्का अनिवार्य करने का आदेश लिया वापस

खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार ने सरकारी स्कूलों की छात्राओं के लिए अबाया पहने का फरमान जारी किया था व्यापक विरोध के बाद सरकार ने फौरन फैसले को वापस लेने का फैसला किया
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Sep 18, 2019
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इस्लामाबाद। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में छात्राओं के लिए जारी किए गए ड्रैस कोड को लेकर विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने अपना आदेश वापस ले लिया है।

पाकिस्तान के हरिपुर जिला के शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों की सभी छात्राओं को छेड़छाड़ और शोषण से बचाने के उद्देश्य से उन्हें अबाया, गाउन या चादर पहनना अनिवार्य कर दिया था।

जिसके बाद इस फैसले के खिलाफ छात्राओं ने व्यापक विरोध शुरू कर दिया। चौतरफा विरोध को देखकर सरकार ने अपने आदेश को अविलंब वापस लेने का निर्णय करते हुए सोमवार रात वापस ले लिया।

सरकारी अधिकारियों ने यह कहते हुए इसका समर्थन किया था कि इससे छात्राओं को अनैतिक घटनाओं और उत्पीड़न से मुक्ति मिलेगी। इस आदेश को बेहद जरूरी बताते हुए इसे अविलंब लागू करने का आदेश दिया गया था।

सोशल मीडिया पर भारी संख्या में लोगों ने किया विरोध

सूत्रों ने 'डॉन न्यूज को बताया कि प्रांत के मुख्यमंत्री महमूद खान ने इस आदेश को बिना वजह जारी किया गया बताते हुए प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा के सचिव अरशिद खान से इसे रद्द करने के लिए कहा।

खान ने बताया कि इस आदेश को मुख्यमंत्री से सलाह-मशविरा किए बगैर लागू कर दिया गया था। वहीं यह फैसला सामने आने के बाद से सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दी।

जहां कुछ लोगों ने सरकार की सराहना की थी और फैसले का समर्थन किया था, वहीं विरोध करने वाले लोगों की संख्या कहीं अधिक थी।

अम्बर रहीम शम्सी नाम की एक चैनल एंकर ने ट्वीट में कहा, 'यह तो उत्पीड़न का जिम्मा पीड़ित पर ही थोपने जैसा हो गया और फिर यह भी है कि जो महिलाएं हिजाब और अबाया पहनती हैं, जैसे उनका उत्पीड़न होता ही नहीं है। क्या बात है केपी (खैबर पख्तूनख्वा)..वेल डन।'

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Updated on:
18 Sept 2019 06:58 am
Published on:
18 Sept 2019 01:30 am