26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ( Hafiz Saeed ) के खिलाफ टेरर फंडिंग ( Terror Funding ) से जुड़े दो मामले CTD द्वारा गिरफ्तारी से पहले JuD नेताओं के खिलाफ दर्ज हुई थीं 23 प्राथमिकी
लाहौर। पाकिस्तान ( Pakistan ) में लाहौर की आतंकवाद रोधी अदालत ( ATC ) ने प्रतिबंधित जमात-उद-दावा (JuD) के सरगना और 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ( Hafiz Saeed ) के खिलाफ टेरर फंडिंग ( Terror Funding ) से जुड़े दो मामलों में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट के ATC न्यायाधीश अरशद हुसैन भट्ट शनिवार को दोनों मामलों में फैसला सुनाएंगे।
दोनों मामलों के लिए दर्ज हैं 23 गवाहों के बयान
दोनों ही मामले आतंकवाद रोधी विभाग (CTD) की लाहौर और गुजरांवाला शाखाओं द्वारा दाखिल किए गए हैं। CTD के गुजरांवाला चैप्टर द्वारा दायर किए गए मामले की शुरुआत में गुजरांवाला ATC में सुनवाई हुई, लेकिन लाहौर हाई कोर्ट के निर्देशों पर इसे लाहौर शिफ्ट कर दिया गया। दोनों मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 23 गवाहों के बयान दर्ज किए।
बीते साल जुलाई में JuD सरगना को CTD ने किया था गिरफ्तार
आपको बता दें कि JuD सरगना को बीते साल जुलाई में CTD द्वारा गिरफ्तार किया गया। उसकी गिरफ्तारी से पहले JuD नेताओं के खिलाफ 23 प्राथमिकी CTD पुलिस स्टेशन लाहौर, गुजरांवाला, मुल्तान, फैसलाबाद और सरगोधा में जुलाई 2019 में दर्ज की गई। इनमें सईद और JuD का एक अन्य प्रमुख आतंकी अब्दुल रहमान मक्की शामिल हैं। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, CTD ने कहा है कि JuD गैर-लाभकारी संगठनों और ट्रस्टों के माध्यम से एकत्र किए गए भारी धन से आतंकवाद का वित्तपोषण कर रहा था।