इमरान खान के पीएम बनने के बाद पीओके में सेना का दखल बढ़ गया है।
मुजफ्फराबाद। पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के कोटली शहर में शांतिपूर्ण रैली करने वाले प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई से कई प्रदर्शनकारी घायल हो आगे हैं। पुलिस द्वारा भारी बल प्रयोग करने से कई प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रदर्शनकारी कश्मीर के पाकिस्तानी कब्जे वाले हिस्से के लिए उचित अधिकारों की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकरियों ने कहा कि इस क्षेत्र में इस्लामाबाद के सात दशक से अधिक भ्रष्ट शासन के चलते पीओके में स्थिति नारकीय बनी हुई है। पाकिस्तान ने यहां लोगों को बुनियादी अधिकारों से भी वंचित कर रखा है।
पीओके में जबरदस्त प्रदर्शन
वैसे तो पीओके में पीओके में प्रदर्शनों का सिलसिला लगातार जारी है। लेकिन इस बार होने वाला प्रदर्शन काफी बड़े पैमाने पर आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने बड़ी संख्या में लोगों को इकट्ठा करने में कामयाबी पाई। जब यह विशाल संख्या शांतिपूर्ण तरीके से नारे लगाक्र प्रदर्शन कर रही थी, तभी पुलिस ने बार्बर तरीके से लाठी चार्ज कर दिया। आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
पीओके में पाकिस्तान की दरिंदगी
इस घटना के बाद जो चित्र पब्लिक डोमेन में सामने आए, वह इस क्षेत्र के लोगों पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों की बर्बरता की गवाही है। बताया जा रहा है कि इन कश्मीरी लोगों पर इस तरह की क्रूरता पूर्ण कार्रवाई के लिए इस्लामाबाद द्वारा सुरक्षा बलों को एक तरह से फ्री हैंड दे दिया गया है। बता दें कि यह पीओके के लोगों पर पाकिस्तान की क्रूरता का एकमात्र उदाहरण नहीं है ।
पीओके में असंतोष की चिंगारी
बता दें कि हाल के दिनों में पाकिस्तान के अधिकारियों के खिलाफ पीओके के लोगों के बीच क्रोध दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। पीओके में विरोध प्रदर्शनों की एक श्रृंखला उभरी है जो धीरे-धीरे विद्रोह में तब्दील हो रही है। इस्लामाबाद में नए राजनीतिक परिवर्तन के साथ, जिसे कथित तौर पर सेना की मदद से सत्ता में लाया गया है, पीओके में कानून व्यवस्था व्यवस्था की स्थिति खराब हो रही है। इमरान खान के पीएम बनने के बाद पीओके में सेना का दखल बढ़ गया है।