आजादी के बाद से बांग्लादेश की सीमा पर पूर्वी पाकिस्तान लिखे हुए पिलर लगे हुए थे 2016 में भारत सरकार ने इस पर कार्य करना शुरू किया और बीते साल बांग्लादेश ने पाकिस्तान के नाम को मिटाने पर भारत के फैसले पर सहमति जताई
इस्लामाबाद। जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर दुनिया के हर मंच पर मुंह की खाने के बाद अब पाकिस्तान को पड़ोसी देश बांग्लादेश से एक करारा झटका लगा है। आर्थिक बदहाली से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए बांग्लादेश ने भी अपने द्वार बंद कर दिए हैं।
दरअसल, बांग्लादेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सीमा पर लगे पिलरों यानी खंभों में लिखे पाकिस्तान के नाम को मिटा दिया है।
इतना ही नहीं भारत के साथ लगने वाली सीमा पर भी लगे पिलरों पर से पूर्वी पाकिस्तान का नाम मिटाकर बांग्लादेश लिख दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, यह काम बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीने के आदेश पर किया गया है। शरहद पर से पाकिस्तान के नाम को मिटाने की जानकारी बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड ने बयान जारी कर दी है।
2016 में भारत सरकार ने बनाया था प्लान
डेली स्टार ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि वर्ष 1947 में भारत के विभाजन के समय सीमा पर आठ हजार से अधिक पिलर लगाए गए थे। इन सभी खंभों पर ‘IND-PAK/INDIA-PAKISTAN’ लिखा गया था।
लेकिन जब 1971 में बांग्लादेश आजाद हुआ तो इन पिलरों पर पूर्वी पाकिस्तान ही लिखा था और दशकों तक लिखा ही रह गया।
हालांकि तीन साल पहले यानी 2016 में भारत सरकार ने सीमा पर लगे खंभों में लिखे नाम को बदलने की कवायद शुरू कर दी थी। गृहमंत्रालय ने विदेश मंत्रालय के साथ संपर्क किया और सभी औपचारिकताएं पूरी की। बीते साल बांग्लादेश सरकार के साथ भारत के इस फैसले पर सहमति जताई थी।
लिहाजा अब बांग्लादेश ने कदम उठाते हुए सभी खंभों से नाम को बदल दिया है। पहले चरण में असम से लगती सीमा में लगे पिलरों से पूर्वी पाकिस्तान नाम हटा दिया गया है और बांग्लादेश लिखा गया है।
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