नवाज शरीफ के भाई ने आरोप लगाया है कि नवाज को जेल में बहुत खराब हालत में रखा गया है। उन्हें गंदे वॉशरूम का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
इस्लामाबाद: भ्रष्टाचार के एक मामले जेल पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनकी बेटी मरियम और दामाद की याचिका पर इस्लामाबाद हाईकोर्ट में आज सुनवाई होनी है। किंतु नवाज शरीफ के भाई शहबाज शरीफ ने कहा है कि नवाज का रावलपिंडी की अडियाला जेल में खराब हालत में रखा गया है। उन्होंने दावा किया कि वहां उन्हें अखबारों से भी दूर रखा गया है। यहां तक कि वे 'गंदे' वॉशरूम का इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में भी ऐसी बात कही गई है।
गौर हो, नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम को शुक्रवार को लंदन से लाहौर पहुंचने पर गिरफ्तार कर लिया गया था। जबकि इससे पहले एक जवाबदेही अदालत ने लंदन में चार आलीशान फ्लैट्स पर उनके परिवार के स्वामित्व को लेकर दोषी पाया था। गिरफ्तार करने के बाद नवाज और उनकी बेटी को रावलपिंडी की अडियाला जेल में ले जाया गया था। शरीफ के दामाद मुहम्मद सफदर भी इसी जेल में बंद हैं। उन्हें 8 जुलाई को पकड़ा गया था।
पाकिस्तानी मीडिया हाउस की खबर के अनुसार- तीनों अभियुक्तों के वकीलों ने अपने मुवक्किलों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में सात अलग-अलग अपीलें दायर की हैं। रिपोर्ट के अनुसार- शरीफ की तरफ से तीन और मरियम और सफदर की ओर से दो-दो अपीलें डाली गई हैं।
अपीलें दायर करने के बाद इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अनवर खान कासी ने सुनवाई के लिए दो सदस्यीय पीठ का गठन कर दिया। इसमें जस्टिस मोहसिन अख्तर कयानी और जस्टिस मियांगुल हसन औरंगजेब शामिल हैं। दोनों ही इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के कनिष्ठतम जज हैं।
खबरों के अनुसार- अपील में एवेनफिल्ड मामले के फैसले में कानूनी कमियां होने की बात कहते हुए इस्लामाबाद जवाबदेही अदालत के फैसले को अयोग्य ठहराए जाने की अपील की गई है। साथ ही तीनों दोषियों की रिहाई की मांग भी की गई है। अखबार के मुताबिक भ्रष्टाचार के अन्य दो मामलों की सुनवाई अडियाला जेल परिसर में किए जाने के खिलाफ भी अपील की गई है।
गौर हा इस्लामाबाद जवाबदेही अदालत ने भ्रष्टाचार के मामले में नवाज शरीफ को दस साल की कैद की सजा सुनाई थी। साथ ही उन पर 80 लाख पाउंड का जुर्माना लगाया था। जबकि उनकी बेटी को 7 साल की जेल की सजा सुनाई थी। साथ ही दो लाख पाउंड का जुर्माना लगाया था। शरीफ के दामाद को एक साल जेल की सजा सुनायी गई थी।