
इस्लामाबाद । पाकिस्तान ने स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले भारत के 27 मछुआरों समेत 30 भारतीयों को सोमवार को जेल से रिहा कर दिया। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैजल ने एक बयान में कहा कि इन भारतीय कैदियों की रिहाई मानवीय आधार पर की गई है।
मानवीय आधार पर रिहाई
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के अनुसार" पाकिस्तान मानवीय मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं करता है।" विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि, "यह 14 अगस्त को पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस मनाने का मानवीय भाव है।" हमें उम्मीद है कि भारतीय पक्ष भी इसी तरह का व्यवहार दिखाएगा।" जिन 30 कैदियों को रिहा किया गया है उनमें 27 मछुआरे शामिल हैं। बता दें कि बीते कई सालों से भारत और पाकिस्तान अपनी आजादी के मौके पर एक दूसरे के कैदियों को रिहा करते हैं।
इससे पहले रविवार को पाकिस्तान के समुद्री क्षेत्र में कथित तौर पर मछली पकड़ने के आरोप में भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया गया था। इन मछुआरों को कराची की मालिर जेल से निकालकर अब लाहौर ले जाया जाएगा। वहां से मछुआरों को वाघा सीमा पर भारतीय सीमा अधिकारियों को सौंपा जाएगा।
बता दें कि अरब सागर में समुद्री सीमा को लेकर भारत और पाकिस्तान में लम्बे समय से विवाद चल रहा है। अरब सागर में सीमा का स्पष्ट निर्धारण न होने के कारण पाकिस्तान और भारत आए दिन एक दूसरे के मछुआरों को गिरफ्तार करते रहते हैं। उच्चतम न्यायालय में केंद्र सरकार द्वारा दिए गए हलफनामे के अनुसार 418 मछुआरों समेत 470 भारतीय पाकिस्तानी जेलों में बंद हैं। ये मछुआरे बेहद गरीब होते हैं और इनके पास समुद्री इलाके में बॉर्डर की पहचान करने की तकनीक से से लैस नौकाएं भी नहीं हैं। एक बार हिरासत में आने के बाद ये मछुआरे लंबी और धीमी कानूनी प्रक्रियाओं के कारण, आमतौर पर कई महीनों तक विदेशी जेलों में रहते हैं। समय-समय पर दोनों ही देश सद्भावना दिखते हुए मछुआरों को रिहा कर देते हैं।