एशिया

पाकिस्तान की सीनाजोरी! कहा- ननकाना साहिब को नहीं पहुंचा नुकसान, खबरें झूठी

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ( Pakistan foreign ministry ) ने जारी किया बयान गुरुद्वारे ( Nankana Sahib Gurudwara ) को नुकसान पहुंचाए जाने की खबरें झूठी और शरारतपूर्ण: पाकिस्तान
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Stone pelting at Nankana sahib
Stone pelting at Nankana sahib

इस्लामाबाद। ननकाना साहिब के पास हुई पत्थरबाजी ( Stone pelting at Nankana sahib ) के बाद भारत ने सख्त रूख अपनाया है। भारत ने पाकिस्तान सरकार से इस मामले में सख्त कदम उठाने की बात कही है। लेकिन हमेशा अपनी गलतियों पर पर्दा डालनेवाला पाकिस्तान इस बार भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। दरअसल, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ( Pakistan foreign ministry ) ने शनिवार कहा कि ननकाना साहिब में शुक्रवार की घटना में गुरुद्वारे को कहीं से भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

गुरुद्वारे को नुकसान पहुंचाए जाने की खबरें झूठी और शरारतपूर्ण

पाकिस्तानी मंत्रालय ने गुरुद्वारे को नुकसान पहुंचाए जाने की खबरों को झूठी और शरारतपूर्ण बताया है। मंत्रालय का कहना है कि यह घटना महज एक चाय की दुकान पर हुई कहासुनी के बाद घटी, जिसे बाद में सांप्रदायिक रंग दे दिया गया। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, 'पंजाब के प्रांतीय अधिकारियों ने सूचित किया है कि ननकाना साहिब शहर में दो मुस्लिम समूहों के बीच हाथापाई हुई थी।'

गुरुद्वारे पर कोई हमला नहीं हुआ: पाकिस्तान

बयान में कहा गया, 'चाय के स्टॉल पर एक मामूली बात पर विवाद हो गया। जिला प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जो अब हिरासत में है।' प्रवक्ता ने कहा, 'इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गुरुद्वारे को किसी ने भी नहीं छुआ और इसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।' उन्होंने पवित्र गुरुवारे को नुकसान पहुंचाने वाली खबरों का खंडन करते हुए इसे झूठी और शरारतपूर्ण बताया। इसके अलावा आंतरिक मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने भी मामले में स्पष्टता जाहिर करते हुए कहा, 'गुरुद्वारे पर कोई हमला नहीं हुआ था और सरकार सभी नागरिकों, विशेष रूप से धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।'

गुरुद्वारे के पास की स्थिति सामान्य

प्रवक्ता ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन अल्पसंख्यकों के लिए पाकिस्तान की प्रतिबद्धता का एक बेहतर उदाहरण है। इस बीच धार्मिक मामलों के संघीय मंत्री नूरुल हक कादरी ने एक बयान में कहा कि ननकाना साहिब में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी और वहां स्थिति सामान्य है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानीय लोगों ने कुछ गिरफ्तार लोगों की रिहाई के लिए पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था, लेकिन प्रशासन के साथ बातचीत के बाद वे तितर-बितर हो गए।

क्या है मामला?

उल्लेखनीय है कि ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर शुक्रवार को एक बड़ी मुस्लिम भीड़ ने कथित तौर पर हमला किया था, जिसके बाद सिख श्रद्धालु गुरुद्वारे के अंदर फंस गए। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में दिख रही भीड़ ने अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ सांप्रदायिक और घृणित नारे लगाए और धर्मस्थल पर पथराव किया। ननकाना साहिब गुरुद्वारा सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक की जन्मस्थली है। यहां से दुनियाभर के करोड़ों सिखों की आस्था जुड़ी हुई है।

Updated on:
05 Jan 2020 09:17 am
Published on:
05 Jan 2020 08:51 am