एशिया

चीन में कैद उइगर पत्नियों की वापसी के लिए गुहार लगा रहे हैं पाकिस्तान के लोग, अब तक कोई सुनवाई नहीं

उइगर मुलसलमानों के ऊपर चीन की सरकार और प्रशासन की सख्ती की खबरें आगे-बगाहे आती रहती हैं।
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Pakistani man
चीन में कैद उइगर मुसलमान पत्नियों की वापसी के लिए गुहार लगा रहे हैं पाकिस्तान के लोग, अब तक कोई सुनवाई नहीं

लाहौर। पाकिस्तान के कई नागरिक अपनी उइगर मुसलमान पत्नियों के वापस लौटने की लम्बे समय से राह देख रहे हैं। पाकिस्तानी मीडिया की खबरों में दावा किया जा रहा है कि चीन में इस समय 38 महिलाएं ऐसी हैं जो पाकिस्तान नहीं लौट पा रहीं हैं। ये सभी महिलाएं चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर मुसलमानों के कैम्प में चीन की सरकार द्वारा बंदी बनाई गई हैं। बता दें कि उइगर मुलसलमानों के ऊपर चीन की सरकार और प्रशासन की सख्ती की खबरें आगे-बगाहे आती रहती हैं।

पाकिस्तानी उइगरों पर शिकंजा

एक पाकिस्तानी नागरिक ने मीडिया को बताया है कि अप्रैल 2017 से यह सिलसिला शुरू हुआ जब चीन ने उइगरों के ऊपर सख्ती करते हुए उनके कहीं आने-कई प्रतिबन्ध लगा दिए। उसके बाद से कई पाकिस्तानी महिलाएं वापस नहीं लौट सकी हैं| बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के कई व्यक्ति इन दिनों चीनी दूतावास के चक्कर काट रहे हैं। पाकिस्तान के कई नागरिकों का दावा है कि चीन ने इनकी उइगर पत्नियों और उनके बच्चों के पासपोर्ट जब्त कर लिए हैं।

गुहार लगा रहे हैं पाकिस्तान के नागरिक

बता दें कि चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगरों के साथ सख्ती की खबरें नई नहीं हैं। लेकिन अब पाकिस्तान में ऐसे कई मामले सामने आ गए हैं। लोग अपनी पत्नी और बच्चों से मिलने के लिए तरस रहे हैं और उन्हें वापस लाने के लिए चीनी दूतावास के चक्कर काट रहे हैं। इनका आरोप है कि पाकिस्तानी महिलाओं को शिनजियांग प्रांत में जबरन बंधक बना लिया गया है और परिवार के पास लौटने नहीं दिया जा रहा है।

चीन में उइगरों पर भारी सख्ती

बता दें कि चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों पर चीन की सरकार बहुत सख्ती बरत रही है।अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने भी इस पर चिंता जताई है । मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट में कहा गया है कि विचार धारा में परिवर्तन के नाम पर मुस्लिमों को जबरन कैद करके रखा गया है। अभी कुछ दिन पहले भी उइगर मुस्लिमों के घर के बाहर चीन की सरकार द्वारा क्यूआर कोड लगाए जाने का फैसला किया गया था।

Updated on:
27 Sept 2018 11:08 am
Published on:
27 Sept 2018 11:07 am