
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति रिटायर्ड जनरल परवेज मुशर्रफ के पासपोर्ट और राष्ट्रीय पहचान पत्र (एनआईसी) पर रोक लगाने की कवायद शुरू हो गई है। पाकिस्तान सरकार ने गुरुवार को आंतरिक मंत्रालय को इस संबंध में निर्देश दिया है। एक स्थानीय अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि दुबई में रह रहे पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ की यात्रा को सीमित किया जा सके और उन्हें उपलब्ध कुछ सुविधाओं से वंचित किया जा सके।
कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं मुशर्रफ
मुशर्रफ कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं, लेकिन बीमारी के इलाज के लिए वे पाकिस्तान से बाहर हैं। गौरतलब है कि मुशर्रफ के खिलाफ देशद्रोह का मामला भी दर्ज है। इस संबंध में वे एक अदालत में उपस्थित नहीं हुए। खबर के अनुसार राष्ट्रीय डाटा बेस एवं पंजीयन प्राधिकरण (एनएडीआरए) और पासपोर्ट महानिदेशालय को यह कदम उठाने के लिए निर्देशित किया गया है।
मुशर्रफ पर क्या होगा फैसले का असर
- पाकिस्तान सरकार के इस सख्त कदम के बाद मुशर्रफ विदेश यात्रा नहीं कर पाएंगे।
- वे बैंक से लेनदेन करने के मामले में वंचित हो जाएंगे।
- वे पाकिस्तान और विदेश में संपत्ति का लेन देन भी नहीं कर पाएंगे।
पाकिस्तान में दिग्गज सियासी हस्तियों के बुरे दिन
आपको बता दें कि इन दिनों पाकिस्तान के सियासी रहनुमाओं के दिन कुछ ज्यादा अच्छे नहीं लग रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भी पनामा मामले में संलिप्तता को लेकर कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। उनकी बेटी दूसरी तरफ मुशर्रफ भी लंबे समय से कानून के शिकंजे में हैं। फिलहाल वे दुबई में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान में इन दिनों आम चुनावों का भी दौर चल रहा है। इसमें इमरान खान जैसे नेता स्थापित दलों को खासी टक्कर दे सकते हैं। साथ ही हाफिज सईद भी इसी एजेंडे पर चल रहा है।