रावलपिंडी में कार्यक्रम में बोलते हुए शिरीन मजारी इस बात को सार्वजनिक तौर पर कह चुकी हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति में पाकिस्तान को भारत के बीच घुसकर घनी आबादी वाले क्षेत्रों पर परमाणु बम गिरना चाहिए ।
लाहौर। पाकिस्तान के भावी पीएम इमरान खान, शिरीन मजारी को पाकिस्तान का अगला रक्षा मंत्री बना सकते हैं। पाकिस्तानी मीडिया की ख़बरों के अनुसार इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि इस्लामाबाद की जानी-मानी स्कॉलर शिरीन मज़ारी को इमरान खान बतौर अपनी रक्षा मंत्री के चुन सकते हैं।
भारत पर परमाणु हमले की समर्थक हैं शिरीन
डिफेन्स एंड डेवलॅपमेंट की विशेषज्ञ शिरीन कई बार भारत पर परमाणु हमले की बात कर चुकी हैं। रावलपिंडी में कार्यक्रम में बोलते हुए शिरीन मजारी इस बात को सार्वजनिक तौर पर कह चुकी हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति में पाकिस्तान को भारत के बीच घुसकर घनी आबादी वाले क्षेत्रों पर परमाणु बम गिरना चाहिए । इसके अलावा अक्टूबर 1999 में पाकिस्तान के एक जर्नल में छपे शिरीन के लेख में उन्होंने दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति में पाकिस्तान को भारत के शहरों और औद्योगिक केंद्रों पर फोकस करने की सलाह दे डाली थी।
काउंटर-वैल्यू टार्गेट्स सिद्धांत की जनक
बता दें कि युद्ध सिद्धांत के मुताबिक दुश्मन के मूल्यवान प्रतिष्ठानों पर हमला करने को काउंटर-वैल्यू टार्गेट्स हिट कहते हैं। शहर और आबादी वाले क्षेत्र, औद्योगिक प्रतिष्ठान आदि इस दायरे में आते हैं। इस तरह के अटैक में कोई खतरा नहीं होता।
शिरीन मज़ारी ने 1999 में लिखे लेख में इस बात को काफी विस्तार से बताया था कि काउंटर-वैल्यू टार्गेट के तहत भारत के नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और उसके आसपास स्थित भारत के सभी महत्वपूर्ण व्यापारिक और एटॉमिक प्रतिष्ठान निशाने पर होने चाहिए। उन्होंने आगे कहा था कि भारत के परमाणु प्रतिष्ठान आबादी के करीब स्थित हैं, ऐसे में इन पर हमला करने से भारत को अधिक नुकसान पहुंचाया जा सकेगा।
क्या रक्षा मंत्री बनेंगी शिरीन
शिरीन मजारी के रक्षा मंत्री या विदेश मंत्री के तौर पर नियुक्ति को लेकर पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में खबरों का बाजार गर्म है। पाकिस्तानी मीडिया की खबरों से भारत के विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि अमरीका सहित नाटो देशों में भी चिंता की लहर है। मजारी के लम्बे समय तक आईएसआई से भी निकट के संबंध रहे हैं। इसके अतिरिक्त वह खालिस्तान आंदोलन के जमाने में इसको अपना समर्थन दे चुकी हैं। पाकिस्तानी मीडिया में इस बात की चर्चा है कि शिरीन के विचारों से प्रेरित होकर ही पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ ने भारत के खिलाफ 1999 में कारगिल पर आक्रमण किया था।