
सिंगापुर। कोरोना महामारी ( Corona Epidemic ) से जूझ रही दुनिया बेसब्री से कोरोना वैक्सीन का इंतजार कर रही है। पर कुछ देशों में कोरोना वैक्सीन ( Corona Vaccine ) के टीकाकरण की अभियान शुरूआत हो चुकी है और इससे लोगों की उम्मीदें काफी बढ़ गई है।
अमरीकी दवा कंपनी फाइजर और जर्मन कंपनी बायोएनटेक द्वारा संयुक्त रूप से विकसित कोरोना वैक्सीन ( Pfizer BioNTech Corona Vaccine ) को सिंगापुर ने मंजूरी दे दी है। फाइजर-बायोएनटेक की वैक्सीन को मंजूरी देने वाला सिंगापुर पहला एशियाई देश बन गया है।
सोमवार को सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग ने कहा कि फाइजर-बायोएनटेक की वैक्सीन को सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस साल के अंत तक टीका मिलने की उम्मीद है। प्रधामंत्री ली ने कहा कि वैक्सीन की शुरुआती टीका देने वालों के लिए सरकार ने एक योजना बनाई है। बता दें कि इससे पहले अमरीका, कनाडा, ब्रिटेन और बहरीन ने फाइजर इंक और बायोएनटेक एसई की कोरोना वैक्सीन को मंजूरी दी है।
मुफ्त में मिलेगा कोरोना वैक्सीन
आपको बता दें कि सिंगापुर की आबादी 5.7 मिलियन है। सरकार ने कहा कि 2021 के तीसरी तिमाही तक देश के सभी नागरिकोें को मुफ्त में पर्याप्त टीके लगेंगे। हालांकि कोरोना का टीका स्वेच्छिक है। प्रधानमंत्री ली ने कहा कि कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है और यह स्वैच्छिक होगा। जो भी चाहे उसे लगा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारी, स्वास्थ्य कर्मियों, अन्य फ्रंट-लाइन कर्मियों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को कोरोना का टीका सबसे पहले दिया जाएगा। लेकिन पीएम ली ने कहा कि नागरिकों में वैक्सीन को लेकर भरोसा बढ़े इसके लिए सबसे पहले मेरे सहयोगियों और मुझे यह टीका लगाया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय के चिकित्सा निदेशक केनेथ माक ने एक बयान में कहा कि टीकाकरण के लिए वैक्सीन की पर्याप्त खुराक हासिल कर ली है। अमरीका और ब्रिटेन में सामूहिक तौर पर टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो चुकी है।