
नई दिल्ली। एक हफ्ते पहले चीन की राजधानी बीजिंग में भी हालात कुछ ऐसे ही थे। बीजिंग में पॉल्यूशन का लेवल खतरनाक हो चुका था और इसी बीच वहां दुनिया के सबसे ताकतवर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दौरा भी था। लिहाजा चीन ने कुछ ऐसा किया ट्रंप के बीजिंग पहुंचने से पहले वहां का नाममात्र ही रह गया। वहीं राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाके एकबार फिर जहरीले स्मॉग की चपेट में हैं। खुली हवा में सांस लेना फायदेमंद नहीं बल्कि जानलेवा हो चुका है।
ऑरेंज अलर्ट जारी कर किए इमरजेंसी उपाए
बीजिंग में पॉल्यूशन लेवल को देखते हुए चीन के पर्यावरण मंत्रालय ने 4 नवंबर को ऑरेंज अलर्ट जारी किया। यह अलर्ट पर्यावरण के दूसरे बेहद खतरनाक होने की स्थिति में जारी किया जाता है। इस अलर्ट के दौरान बीजिंग में जरुरी इमरजेंसी उपाए अपनाए गए, ताकि हवा की गुणवत्ता सुधारी जा सके। इसके 72 घंटे यानि तीन दिन बाद बीजिंग की हवा फिर पहले की तरह शुद्ध हो गई।
चीन के 72 घंटे में कैसे खत्म किया एयर पॉल्यूशन
- बीजिंग में चलने वाली गाड़ियों पर पूरी तरह रोक लगा दिया गया
- एयर पॉल्यूशन को देखते हुए स्टेट में करीब 2000 कंस्ट्रक्शन साइट की जांच की गई और अवैध निर्माणों का तुरंत रोक दिया गया
- बीजिंग के सभी कोल, स्टील और सीमेंट फर्म्स में उत्पादन पर रोक लगा दिया गया।
- हवा में मौजूद धूल के कणों को हटाने के लिए खास तरह के एंटी स्मॉग गन से हवा में स्प्रे किया गया।
दिल्ली का हाल
वहीं दूसरी ओर भारत की राजधानी दिल्ली में खुली हवा में सांस लेना दूभर हो चुका है। स्मॉग इतना है कि सुबह विजिविलिटी जीरो हो गई। एयर क्वालिटी इंडेक्स के मुताबिक 500 के स्केल पर पॉल्यूशन का लेवल 487 पार कर चुका है। दिल्ली के स्कूल बंद हो गए हैं। एनटीजी कोर्ट ने दिल्ली, हरियाणा और यूपी सरकारों पर प्रदूषण पर लगाम लगाने में असफल रहने पर फटकार लगाई है।