HIGHLIGHTS India China Border Disputes: चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता झाओ लिजिन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत के अवैध रूप से स्थापित लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश को हम मान्यता नहीं देते हैं। लिजिन ने कहा कि भारत की ओर से सैन्‍य निगरानी और नियंत्रण के लिए किसी भी आधारभूत ढांचे के निर्माण का हम कड़ा विरोध करते हैं।
बीजिंग। पूर्वी लद्दाख सीमा ( Eastern Ladakh Border ) पर चल रहे विवाद के बीच एक बार फिर से चीन ने विवादित बयान दिया है। चीन ने कहा है कि वह लद्दाख को मान्यता नहीं देता है, क्योंकि भारत ने अवैध तरीके से इसे केंद्र शासित प्रदेश बनाया है।
चीन का यह भड़काऊ बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत ने चीन से सटे 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 44 नए पुल बना रहा है। भारत के इस कदम से बौखलाया चीन लगातार इस तरह के बयानबाजी कर रहा है।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजिन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत के अवैध रूप से स्थापित लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश को हम मान्यता नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि चीन सीमा पर भारत की ओर से किए जा रहे बुनियादी ढांचे के निर्माण का विरोध करता है। लिजिन ने उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र में भारत के बुनियादी ढांचे के विकास को दोनों देशों के बीच तनाव का मूल कारण बताया है।
अरुणाचल प्रदेश को नहीं देते मान्यता
चीनी प्रवक्ता झाओ लिजिन ने भड़काऊ बयान देते हुए कहा कि सबसे पहले मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि भारत की ओर से अवैध तरीके से स्थापित किए गए लद्दाख केद्र शासित प्रदेश और अरूणाचल प्रदेश को चीन मान्यता नहीं देता है।
उन्होंने कहा कि भारत की ओर से सैन्य निगरानी और नियंत्रण के लिए किसी भी आधारभूत ढांचे के निर्माण का हम कड़ा विरोध करते हैं। सीमा पर भारत की ओर से ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जिससे दोनों देशों में तनाव और भी अधिक बढ़े।
आपको बता दें कि भारत चीनी सीमा से सटे इलाकों में 44 नए पुल बना रहा है। अभी हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा 286 करोड़ रुपये की लागत से 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बनाए गए पुलों का उद्घाटन किया था।
दूसरी तरफ चीन खुद अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड और अक्साई चीन इलाके में कई सैन्य अड्डे बना रहा है या फिर उसे अपग्रेड कर रहा है। इसके अलावा कई घातक हथियार और मिसाइलें भी तैनात की हैं।