
काहिरा: डारा प्रांत में कई जगहों पर सरकारी बलों और सीरियाई सेना द्वारा की गई बमबारी में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, मानवाधिकार निगरानी संस्था, सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स (एसओएचआर) ने कहा कि प्रांत के पूर्व में स्थित अल-साहवा और जस्म शहरों में सेना की बमबारी में एक महिला समेत पांच नागरिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। इसके अतिरिक्त डारा में स्थित उम अल-मियाजेन और नवा के पूर्वी इलाकों को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमलों में एक पुरुष और एक महिला ने अपनी जान गंवाई। संस्था ने कहा है कि मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना है, क्योंकि कुछ घायलों की हालत गंभीर है। हालांकि उसने घायलों की सटीक संख्या नहीं बताई है।डारा के अल-कर्क शहर में सरकारी बलों द्वारा तोपों से की गई गोलाबारी में शुक्रवार रात को भी नौ नागरिकों की मौत हो गई थी।
सीरिया में अमरीका ने शुरू किए हवाई हमले
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, सीरिया में हमला करने की अमरीकी राष्ट्रपति की घोषणा के बाद दमिश्क के पास धमाके की आवाज सुनी गई । अमरीकी आधिकारियों ने बताया कि सीरिया के खिलाफ इस कार्रवाई में लड़ाकू विमानों और जलपोतों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस हमले में कई तरह के बमों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, रूस ने अमेरिका के मिसाइलों को मार गिराने की चेतावनी दी है।
आखिर क्यों अमरीका और सीरिया में पैदा हो गई युद्ध की स्थिति
बता दें कि अमरीका ने ये कार्रवाई सीरिया के डूमा में हुए रासायनिक हमले के बदले के तौर पर की, जिसके बारे में अमरीका कई दिनों से बात करता आ रहा था। डूमा में हुए रासायनिक हमले के बाद से ही अमरीका और रूस के बीच शीतयुद्ध के हालात पैदा हो गए थे। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रासायनिक हमले का आरोप रूस, ईरान और सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद पर लगाया था। ट्रंप ने सीरियाई राष्ट्रपति के समर्थन करने पर रूस और ईरान को भी चेतावनी दी थी।