Aaj Ka Panchang 20 January 2026: 20 जनवरी 2026 का पंचांग: विक्रम संवत 2082, द्वितीया तिथि रात 2:43 तक, श्रवण नक्षत्र सुबह 1:07 तक, चर-लाभ-अमृत चौघड़िया, राहु काल 3-4:30, चंद्रदर्शन व्रत, द्विपुष्कर राजयोग। उत्तर दिशा शूल, मकर-कुंभ राशि परिवर्तन। ज्योतिष उपाय सहित।
Aaj Ka Panchang 20 January 2026: मंगलवार, 20 जनवरी 2026 का पूर्ण पंचांग विक्रम संवत 2082 (सिद्धार्थ संवत्सर) में प्रवेश करता है। शक संवत 1947, माघ शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि रात्रि 2:43 तक रहेगी, उसके बाद तृतीया। श्रवण नक्षत्र प्रातः 1:07 तक, तत्पश्चात धनिष्ठा। सिद्धि योग रात 8:01 तक, द्विपुष्कर योग सुबह 1:07 से रात 2:43 तक तथा राजयोग प्रारंभ। चंद्रदर्शन व्रत और पंचक रात्रि 1:35 से। श्रेष्ठ चर चौघड़िया 9:59-11:18, लाभ-अमृत 11:18-1:57, शुभ 3:16-4:35। राहु काल 3:00-4:30, उत्तर दिशा शूल। चंद्रमा रात 1:35 तक मकर, फिर कुंभ। आज जन्मे बालक-बालिकाओं के नामाक्षर: खो, ग, गी, गु। मकर-कुंभ राशि वालों के लिए शनि प्रभाव वाली विशेषताएं।
| विवरण | मान (Details) |
| दिनांक | 20 जनवरी, 2026 |
| वार | मंगलवार |
| विक्रम संवत् | 2082 |
| संवत्सर नाम | सिद्धार्थ |
| शक संवत् | 1947 |
| हिजरी सन् | 1447 (30 रज्जब) |
| अयन | उत्तरायण |
| ऋतु | शिशिर |
| मास | माघ |
| पक्ष | शुक्ल |
आज चर का चौघड़िया 9.59 से 11.18 तक रहेगा, लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 11.18 से 1.57 तक रहेंगे. शुभ का चौघड़िया 3.16 से 4.35 तक रहेगा. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
तिथि – द्वितीया तिथि अंतरात्रि 2.43 तक होगी तदुपरान्त तृतिया तिथि होगी ।
दिशा शूल - आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि उत्तर दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व गुड़, केले अथवा काञ्जीबड़ा का सेवन करके, शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारम्भ करें।
(मध्यमान से) दिन 3.00 से 4.30 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो मीठे पेय पदार्थ सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
नक्षत्र – श्रवण नक्षत्र दिन 1.07 तक रहेगा तदुपरान्त धनिष्ठा नक्षत्र होगा ।
योग – सिद्धि योग रात्रि 8.01 तक रहेगा तदुपरान्त व्यतिपात योग रहेगा ।
करण – बालव करण दिन 2.29 तक रहेगा तदुपरान्त कौलव करण रहेगा।
द्विपुष्कर योग दिन 1-07 से रात्रि 2-43 तक, राजयोग दिन 1-07 से प्रारम्भ
व्रत / दिवस विशेष – चंद्रदर्शन, पंचक प्रारंभ रात्रि 1-35 से,
चन्द्रमा – आज रात्रि 1.35 तक मकर राशि में होगा तदुपरान्त कुम्भ राशि में प्रवेश होगा ।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – शुक्र का श्रवण नक्षत्र में प्रवेश रात्रि 2-50 पर, शनि का उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश दिन 10-53 पर, वक्री हर्षल का कृत्तिका नक्षत्र चरण 2 में प्रवेश दिन 10-43 पर,
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज रात्रि 1.35 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि मकर होगी तदुपरान्त कुम्भ राशि होगी ।
आज दिन 1.07 तक जन्म लेने वाले बच्चों का श्रवण नक्षत्र होगा तदुपरान्त धनिष्ठा नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर खो, ग, गी, गु पर रखे जा सकते हैं।
मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं. ये राशि शांत स्वभाव की धैर्यवान व सहनशील होती हैं परंतु ये लोभी भी होते हैं। इनका व्यवहार गहन विचार करने वाला व क्षमाशील होता हैं। अधिकतर तोल-मोल कर बात करते हैं और एकांतप्रिय, तपस्या व तप पसंद करते हैं। ऐसे जातक गंभीर, भावुक, संवेदनशील, उच्चाभिलाषी, सेवाधर्मी, मननशील एवं धार्मिक प्रवृत्ति वाले होते हैं।
कुम्भ का स्वामी भी शानि हैं। इनका स्वभाव दयावान, निस्वार्थ, स्वतंत्रताप्रिय, कल्पना शील और देश-विदेश घूमने के शौकीन होते हैं। ये लोग सेल्समेन, वकील व जज होते हैं। ये जातक उच्चाधिकारी, उच्चपदासीन, क्रय-विक्रय, प्रोफेसर, जज-वकील, उच्चपदवी या धनी व्यापारी होते हैं। ये जातक बुद्धिमान, साधन-सम्पन्न, तीव्र स्मरण-शक्ति एवं गंभीर प्रकृति वाले होते हैं।