Today Panchang 21 February 2026: 21 फरवरी 2026 का पंचांग: जानें आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, भद्रा का समय और विनायक चतुर्थी व्रत की महिमा। क्या आज आपकी राशि बदलेगी? विस्तार से पढ़ें।
Aaj Ka Panchang 21 February 2026 : आज का पंचांग: शनिवार, 21 फरवरी 2026 : फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर आज विनायक चतुर्थी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। आज का दिन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत विशेष है, क्योंकि आज ही 'अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस' भी है। पंचांग के अनुसार, आज पंचक और भद्रा का साया रहेगा, साथ ही चंद्रमा मीन राशि से मेष राशि में गोचर करेंगे। यदि आप आज किसी शुभ कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं या यात्रा पर निकलने वाले हैं, तो राहुकाल और दिशाशूल का ध्यान रखना अनिवार्य है। आइए, जानते हैं आज के विस्तृत ग्रह-नक्षत्र, चौघड़िया और जन्म लेने वाले बच्चों का भविष्यफल।
| क्रम संख्या | विवरण | मान (Value) |
|---|---|---|
| 1 | विक्रम संवत् | 2082 |
| 2 | संवत्सर नाम | सिद्धार्थ |
| 3 | शक संवत् | 1947 |
| 4 | हिजरी सन् | 1447 |
| 5 | मुस्लिम मास | 3 रमजान |
| 6 | अयन | उत्तरायण |
| 7 | ऋतु | बसंत ऋतु |
| 8 | मास | फाल्गुन |
| 9 | पक्ष | शुक्ल |
आज शुभ का चौघड़िया 8.27 से 9.52 तक रहेगा. चर का चौघड़िया 12.41 से 2.05 तक रहेगा तथा लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 2.05 से 4.54 तक रहेंगे. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
दिशा शूल - आज पूर्व दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज पूर्व दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि पूर्व दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व उड़द अथवा तैल से बनी वस्तु अथवा तिल सेवन करके, प्रातःकाल गायों को चारा खिलाकर, शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारंभ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 9.00 से 10.30 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो तले हुए या कुरकुरे, चटपटे भोज्य पदार्थ का सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
तिथि – चतुर्थी तिथि दिन 1.01 तक होगी तदुपरान्त पंचमी तिथि होगी ।
नक्षत्र – रेवती नक्षत्र रात्रि 7.07 तक होगा तदुपरान्त अश्विनी नक्षत्र होगा ।
योग – शुभ योग दिन 3.51 तक रहेगा तदुपरान्त शुक्ल योग रहेगा ।
करण – विष्टि करण दिन 1.01 तक रहेगा तदुपरान्त बव करण रहेगा।
विशिष्ट योग – महापात दिन 8-05 से दिन 12-02 तक, रवियोग सायं 7-07 तक,
व्रत / दिवस विशेष – भद्रा दिन 1-01 तक, विनायक चतुर्थी, संत चतुर्थी (उडी.), पंचक रात्रि 7.07 तक, अंतर्राष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस, गंडमूल संपूर्ण दिनरात,
चन्द्रमा – आज रात्रि 7.07 तक मीन राशि में होगा तदुपरान्त मेष राशि में प्रवेश होगा ।
शुक्र का पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश रात्रि 12-37 पर, शनि उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र चरण 2 में प्रवेश रात्रि 3-11 पर,
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज रात्रि 7.07 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि मीन होगी तदुपरान्त मेष राशि होगी ।
आज रात्रि 7.07 तक जन्म लेने वाले बच्चों का रेवती नक्षत्र होगा तदुपरान्त अश्विनी नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का स्वर्ण पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर दो, चा, चि, चू, चे पर रखे जा सकते हैं।
मीन राशि के स्वामी गुरु हैं इस राशि के बच्चे सौम्य, गंभीर स्वभाव वाले, बुद्धिमान, विवेकी, ज्ञानी, धार्मिक, परोपकारी, साहित्य प्रेमी, आध्यात्म प्रेमी, भावुक, अध्ययनशील, सज्जन, कल्पनाशील, उच्चाकांक्षी, स्वाभिमानी चंचल होते हैं। अपनी मान-मर्यादा एवं प्रतिष्ठा का विशेष ध्यान भी रखने वाले होते है. समाज सुधारक व अध्यापन सम्बन्धी कार्यो में सफल होते हैं।
मेष राशि अग्नि तत्त्व व क्षत्रिय स्वभाव राशि है। इसके स्वामी ग्रह मंगल हैं। इस राशि में जन्मे बच्चे दबंग, साहसी, कुटुंब का पालन करने वाले, कार्यारम्भ में रूचि रखने वाले, हमेशा सक्रिय, चुनौतियों को स्वीकार करने वाले, जुझारू और थोड़े जल्दबाज होते हैं। शारीरिक सौष्ठव को बनाये रखने के लिए सदा क्रियाशील रहते हैं।