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Falgun Purnima 2026 : फाल्गुन पूर्णिमा 2026: 2 या 3 मार्च? जानें स्नान-दान का महामुहूर्त और लक्ष्मी कृपा का रहस्य

Falgun Purnima 2026 : फाल्गुन पूर्णिमा 2026 कब है? 2 या 3 मार्च? जानें स्नान-दान, लक्ष्मी पूजा और होलिका दहन का शुभ मुहूर्त और महत्व।

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भारत

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Manoj Vashisth

Feb 19, 2026

Falgun Purnima 2026

Falgun Purnima 2026 : फाल्गुन पूर्णिमा 2026 कब है? 2 या 3 मार्च? (फोटो सोर्स: AI image@Gemini)

Falgun Purnima 2026 : हिंदू पंचांग में साल की सभी 12 पूर्णिमाओं का अपना महत्व है, लेकिन फाल्गुन मास की पूर्णिमा की बात ही निराली है। यह न केवल रंगों के त्योहार होली की पूर्व संध्या है, बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी यह दिन 'पॉवरहाउस' माना जाता है। इस बार 2026 में फाल्गुन पूर्णिमा की तारीख को लेकर थोड़ी उलझन हो सकती है, तो चलिए इसे पूरी तरह स्पष्ट करते हैं।

कब है फाल्गुन पूर्णिमा? (Phalguna Purnima 2026 Date)

इस साल फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि 2 मार्च 2026 की शाम से शुरू होकर 3 मार्च 2026 की शाम तक रहेगी। पंचांग के अनुसार समय:

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 2 मार्च, शाम 05:55 बजे।

पूर्णिमा तिथि समाप्त: 3 मार्च, शाम 05:07 बजे।

उदया तिथि के नियम के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा का व्रत और मुख्य उत्सव 3 मार्च 2026 को ही मनाया जाएगा। इसी दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान और होलिका दहन का कार्यक्रम होगा। इसके अगले दिन यानी 4 मार्च को रंगों वाली होली खेली जाएगी।

स्नान और दान के लिए सबसे शुभ पल (शुभ मुहूर्त)

शास्त्रों के अनुसार, पूर्णिमा पर सही समय पर किया गया दान और स्नान अक्षय फल देता है। 3 मार्च को ये दो मुहूर्त सबसे खास हैं:

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:19 बजे से 06:08 बजे तक (यह समय आत्मिक शुद्धि के लिए सर्वोत्तम है)।

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:27 बजे से 01:14 बजे तक (दान-पुण्य के कार्यों के लिए श्रेष्ठ)।

चंद्रोदय का समय: शाम 06:44 बजे (चंद्र पूजन के लिए)।

इस दिन का पौराणिक रहस्य: क्यों खास हैं मां लक्ष्मी?

क्या आप जानते हैं कि समुद्र मंथन के दौरान मां लक्ष्मी का प्राकट्य इसी फाल्गुन पूर्णिमा के दिन हुआ था? यही कारण है कि इस दिन को मां लक्ष्मी के 'जन्मदिन' के रूप में भी देखा जाता है।

मां लक्ष्मी की पूजा: इस दिन मां लक्ष्मी और श्री हरि विष्णु की संयुक्त पूजा करने से घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती।

चंद्र दोष से मुक्ति: यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर है, तो पूर्णिमा की रात को चंद्रमा को अर्घ्य दें और सफेद वस्तुओं (जैसे दूध, चावल, चीनी) का दान करें।

फाल्गुन पूर्णिमा पर क्या करें?

सिर्फ पूजा ही नहीं, कुछ पारंपरिक कार्य आपके जीवन में खुशहाली ला सकते हैं:

सत्यनारायण कथा: पूर्णिमा के दिन घर में भगवान सत्यनारायण की कथा सुनना या पढ़ना अत्यंत लाभकारी होता है।

होलिका दहन: शाम को होलिका दहन के समय परिवार के साथ अग्नि की परिक्रमा करें और उसमें उबटन या गोबर के उपले डालें। माना जाता है कि इससे घर की नकारात्मकता जलकर राख हो जाती है।

गंगा स्नान: यदि आप गंगा या किसी पवित्र नदी तक नहीं जा सकते, तो घर में नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें।

एक जरूरी सलाह

फाल्गुन पूर्णिमा के दिन मन को शांत रखें और सात्विक भोजन करें। चूंकि यह दिन मां लक्ष्मी का है इसलिए आज के दिन किसी का अपमान न करें और घर के मुख्य द्वार पर दीपक जरूर जलाएं।