
Manglik Dosh in Your Horoscope : जानें मांगलिक दोष के प्रभाव और आसान उपाय (फोटो सोर्स: AI image@Gemini)
Manglik Dosh in Your Horoscope : ज्योतिष की दुनिया में मांगलिक शब्द सुनते ही लोग घबरा जाते हैं। मंगल और शनि की साढ़े साती। ये दोनों बातें लोगों को चिंता में डाल देती हैं। मगर सच ये है कि मांगलिक होना हर किसी के लिए बुरा नहीं होता। सब कुछ आपकी कुंडली, लग्न, राशि और उसमें मंगल की पोजिशन पर टिका होता है। मंगल वैसे तो साहस, ताकत और ऊर्जा का प्रतीक है। हर बार इसका असर नुकसानदायक हो ऐसा जरूरी नहीं है। सबसे पहले तो ये समझिए कि (Manglik Dosh Kya Hota Hai) मांगलिक दोष है क्या।
कुंडली के 12 घर होते हैं, लेकिन अगर मंगल इनमें से पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें घर में बैठा हो, तो व्यक्ति को मांगलिक माना जाता है। इन पांच खास घरों में मंगल की मौजूदगी मांगलिक योग बनाती है।
अगर आपकी कुंडली में मंगल और चंद्रमा एक साथ बैठे हैं, तो आप चंद्र मांगलिक कहलाते हैं। इसे आंशिक मांगलिक भी बोलते हैं। यहां चंद्रमा को लग्न मानकर कुंडली देखी जाती है। मंगल अगर चंद्रमा के साथ बैठा हो तो ये चंद्र मांगलिक योग बनाता है।
सबसे ज्यादा असर कुंडली के चौथे, सातवें और आठवें घर में बैठे मंगल का माना जाता है। जब मांगलिक योग बनता है, तो शादी और परिवार की जिंदगी में थोड़ी टेंशन आ सकती है। शायद इसी वजह से लोग मांगलिक का नाम सुनते ही घबरा जाते हैं। लेकिन एक बात हमेशा याद रखिए अगर आपकी राशि और लग्न के हिसाब से मंगल शुभ है, तो ये आपको फायदा भी दे सकता है।
जब मंगल पहले घर में होता है, तो उसकी सीधी नजर सातवें घर पर पड़ती है यानी पार्टनर पर असर करता है। चौथे घर में बैठा मंगल भी सातवें घर को देखता है। अगर मंगल खुद सातवें घर में बैठा हो, तो शादीशुदा जिंदगी पर उसकी पकड़ मजबूत हो जाती है और वो अपनी आठवीं नजर से घर-परिवार पर भी असर डालता है। आठवें घर में मंगल, परिवार और शादी दोनों पर असर करता है। बारहवें घर में बैठा मंगल भी शादीशुदा सुख को प्रभावित कर सकता है। इसीलिए इन पांच घरों में मंगल की स्थिति को लेकर ज्योतिषी खास ध्यान देते हैं, क्योंकि ये शादी और घर की खुशियों से जुड़ा मामला है।
शादी के लिए कहा जाता है कि अगर लड़के या लड़की की कुंडली में मांगलिक योग है, तो दोनों की शादी भी किसी मांगलिक व्यक्ति से होनी चाहिए। मंगल को पुरुष ग्रह माना जाता है। अगर लड़की मांगलिक है और उसकी शादी ऐसे लड़के से हो जाती है जिसकी कुंडली में मांगलिक योग नहीं है, तो शादीशुदा जिंदगी में तनाव, झगड़े या बच्चे होने में रुकावट आ सकती है। लेकिन अगर पति-पत्नी दोनों मांगलिक हों तो तालमेल अच्छा रहता है और शादीशुदा जिंदगी में खुशहाली बनी रहती है।
सबसे असरदार वैदिक उपायों की बात करें तो सबसे पहले आता है मंगल दोष निवारण पूजा। इसमें अनुभवी पंडित खास मंत्रों का जाप करते हैं, हवन होता है, और कुछ अलग रस्में की जाती हैं ताकि मंगल ग्रह शांत हो जाए और उसका बुरा असर कम हो।
फिर है कुंभ विवाह। इसमें जिन लोगों को मंगल दोष है, खासकर महिलाओं को, इंसान से शादी करने से पहले केले या पीपल के पेड़, या भगवान विष्णु की मूर्ति से प्रतीकात्मक रूप से शादी करवाई जाती है। लोग मानते हैं इससे दोष का असर खत्म हो जाता है।
कई लोग मंगल ग्रह के मंदिरों में भी जाते हैं। जैसे तमिलनाडु का वैथीश्वरन कोइल या उज्जैन का मंगलनाथ मंदिर। यहाँ जाकर पूजा करने से भी राहत मिलती है।
मंगलवार को व्रत रखना भी आम है। इस दिन लोग उपवास रखते हैं और भगवान हनुमान या कार्तिकेय की पूजा करते हैं, क्योंकि दोनों का रिश्ता मंगल ग्रह से जुड़ा है।
मंगलवार को लाल चीजें चढ़ाना जैसे लाल मसूर, लाल कपड़ा, गुड़ या लाल फूल ये भी काफी असरदार माना जाता है। लोग कहते हैं इससे मंगल का गुस्सा कम होता है।
इन सब उपायों को अगर रेगुलर और सच्चे मन से किया जाए तो मंगल दोष से छुटकारा मिलने की उम्मीद सबसे ज्यादा होती है।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।
Published on:
19 Feb 2026 11:46 am
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