Aaj Ka Panchang 25 April 2026 : आज का पंचांग 25 अप्रैल 2026 (शनिवार) में जानिए शुभ चौघड़िया, राहुकाल, दिशा शूल, तिथि, नक्षत्र, योग, व्रत और आज के शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी एक जगह।
Aaj Ka Panchang 25 April 2026 : आज का पंचांग 25 अप्रैल 2026, शनिवार का दिन विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व रखता है। इस दिन वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है, जिसे जानकी नवमी और श्री हरि जयंती जैसे पवित्र पर्वों के रूप में मनाया जाता है। आज के दिन रवियोग, महापात योग और ज्वालामुखी योग जैसे विशेष योग बन रहे हैं, जो इसे और भी महत्वपूर्ण बनाते हैं।
पंडित मुकेश भारद्वाज के अनुसार यदि आप आज कोई शुभ कार्य जैसे विवाह, यात्रा या नया काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो शुभ चौघड़िया (07:34–09:11), लाभ और अमृत काल (02:02–05:15) आपके लिए अनुकूल रहेंगे। हालांकि, राहुकाल (09:00–10:30) और पूर्व दिशा में दिशा शूल का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।
| चौघड़िया प्रकार | समय अवधि | शुभता / उपयोग |
|---|---|---|
| शुभ | 07:34 – 09:11 | शुभ कार्य प्रारम्भ के लिए उत्तम |
| चर | 12:25 – 02:02 | सामान्य/चल कार्यों के लिए अच्छा |
| लाभ | 02:02 – 03:38* | लाभकारी कार्यों के लिए शुभ |
| अमृत | 03:38 – 05:15* | अत्यंत शुभ, सभी कार्यों के लिए श्रेष्ठ |
दिशा शूल - आज पूर्व दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज पूर्व दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 9.00 से 10.30 तक
तिथि – नवमी तिथि सायं 6.28 तक होगी तदुपरान्त दशमी तिथि होगी ।
नक्षत्र – अश्लेषा नक्षत्र रात्रि 8.05 तक होगा तदुपरान्त मघा नक्षत्र होगा ।
योग – गंड योग रात्रि 11.43 तक रहेगा तदुपरान्त वृद्धि योग रहेगा ।
करण – बालव करण प्रातः 6.55 तक रहेगा तदुपरान्त कौलव करण रहेगा।
विशिष्ट योग – महापात योग रात्रि 10-55 से रात्रि 3-05 तक, रवियोग संपूर्ण दिनरात्रि, ज्वालामुखी योग सायं 6-28 से रात्रि 8-05 तक
व्रत / दिवस विशेष – श्री हरि जयंती, जानकी नवमी (स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त), विवाह मुहूर्त्त मघा में, गंडमूल संपूर्ण दिनरात्रि,
चन्द्रमा – आज रात्रि 8.05 तक कर्क राशि में होगा तदुपरान्त सिंह राशि में प्रवेश होगा ।
कर्क राशि के स्वामी चन्द्र हैं। यह जल प्रधान राशि है. ये बहुत भावुक होते हैं. सुन्दर व आकर्षक होते है. व्यवहार मिलनसार होता है. कला, संगीत, साहित्य प्रेमी, कल्पनाशील, धार्मिक, दयालु, सहृदय, ईमानदार होते हैं. ऐसे बच्चे सभी के मनोभावों को आसानी से समझने वाले होते हैं.
सिंह राशि के स्वामी सूर्य है। इस राशि के बच्चे निडर, साहसी, दयालु, ऐश्वर्यशाली, शत्रुहन्ता होते हैं. ये अग्नि तत्व की राशि हैं, जिससे इनको गुस्सा जल्दी आ जाता हैं परंतु नर्म भी जल्दी हो जाते हैं। ये पराक्रमी व बुद्धिमान, उधमी, कर्मठ, निड़र, स्वतंत्र विचारों वाले होते हैं और बड़े काम से घबराते नहीं हैं। इनमें नैसर्गिक नेतृत्त्व क्षमता होती है।