Today Panchang February 2026: आज का पंचांग 25 फरवरी 2026: जानें चौघड़िया, राहुकाल, दिशा शूल, तिथि, नक्षत्र, योग, ग्रह स्थिति, व्रत-त्योहार और जन्मे बच्चों की राशि व नामाक्षर की पूरी जानकारी।
Aaj ka Panchang 25 February 2026:आज का पंचांग बुधवार, 25 फरवरी 2026, धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज सर्वार्थसिद्धि योग, रवियोग और ज्वालामुखी योग जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं, जिससे दिन विशेष फलदायी माना जा रहा है। चौघड़िया (Choghadiya) , राहुकाल, दिशा शूल, तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति के आधार पर आज के शुभ-अशुभ समय का सही ज्ञान लेकर आप अपने कार्यों को सफल बना सकते हैं।
| क्रम संख्या | विवरण (Detail) | जानकारी (Information) |
|---|---|---|
| 1 | विक्रम संवत् | 2082 |
| 2 | संवत्सर नाम | सिद्धार्थ |
| 3 | शक संवत् | 1947 |
| 4 | हिजरी सन् | 1447 |
| 5 | मुस्लिम माह | 7 रमजान |
| 6 | अयन | उत्तरायण |
| 7 | ऋतु | बसंत ऋतु |
| 8 | मास | फाल्गुन |
| 9 | पक्ष | शुक्ल |
आज लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः सूर्योदय से 9.50 तक रहेंगे. शुभ का चौघड़िया 11.15 से 12.40 तक रहेगा. चर का चौघड़िया 3.31 से 4.56 तक रहेगा तथा लाभ का चौघड़िया 4.56 से सूर्यास्त तक रहेगा. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
दिशा शूल - आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि उत्तर दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व गणेश जी का ध्यान करें, उन्हें लड्डुओं का प्रसाद चढ़ाकर सबको बांटें और स्वयं भी सेवन करके शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारंभ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 12.00 से 1.30 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो सुपारी, पान या इलायची आदि का सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
तिथि – नवमी तिथि रात्रि 2.41 तक होगी तदुपरान्त दशमी तिथि होगी ।
नक्षत्र – रोहिणी नक्षत्र दिन 1.39 तक होगा तदुपरान्त मृगशिरा नक्षत्र होगा ।
योग – विष्कुम्भ योग रात्रि 1.29 तक रहेगा तदुपरान्त प्रीति योग रहेगा ।
करण – बालव करण दिन 3.46 तक रहेगा तदुपरान्त कौलव करण रहेगा।
सर्वार्थसिद्धि योग सूर्योदय से संपूर्ण दिनरात्रि, ज्वालामुखी योग दिन 1-39 तक. रवियोग दिन 1-39 से प्रारम्भ,
व्रत / दिवस विशेष – आनंदा नवमी, श्री हरि जयंती, ब्रज में होली प्रारंभ, बरसाना होली, रोहिणी व्रत (जैन),
चन्द्रमा – आज रात्रि 12.55 तक वृष राशि में होगा तदुपरान्त मिथुन राशि में प्रवेश होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज रात्रि 12.55 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि वृष होगी तदुपरान्त मिथुन राशि होगी ।
आज दिन 1.39 तक जन्म लेने वाले बच्चों का रोहिणी नक्षत्र होगा तदुपरान्त मृगशिरा नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का स्वर्ण पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर वी, वु, वे, वो, क, कि पर रखे जा सकते हैं।
वृष राशि के स्वामी शुक्र हैं. वृष राशि में जन्मे बच्चे सौम्य स्वभाव, सहनशील, धैर्यवान, शीतल स्वभाव वाले, कलात्मक, रसिक प्रवृत्ति वाले, तेजस्वी, संघर्षशील, हठी, स्वाभिमानी, दयालु, कृतज्ञ, माता पिता व गुरु भक्त, आकर्षक, ऐश्वर्य युक्त, आभूषण आदि अलंकरण प्रिय होते हैं. हैं। ये व्यक्ति तेजस्वी, संघर्षशील, स्वाभिमानी, श्रेष्ट मित्रों से युक्त, माता-पिता तथा गुरु के भक्त होते हैं। ये लोग सुखमय तथा अधिकार पूर्ण जीवन व्यतीत करते हैं। इस राशि के जातक प्राय: बैंकिंग, तेल एवं इत्रादि व्यवसाय, भवन-निर्माण, विज्ञापन अथवा कलादि से सम्बन्ध रखने वाले होते हैं।
मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं. मिथुन राशि में जन्मे बच्चे बुद्धिमान, कुशल व्यापारी, गणितज्ञ, चतुर, निडर, अच्छे वक्ता, त्वरित बुद्धि वाले, कलाकार, आत्म केन्द्रित होते हैं.