Aaj Ka Panchang 2 April 2026 : आज का पंचांग 2 अप्रैल 2026 (गुरुवार) जानें – शुभ चौघड़िया, राहुकाल, दिशा शूल, तिथि, नक्षत्र, योग, हनुमान जयंती और चैत्र पूर्णिमा का महत्व। आज के सभी शुभ मुहूर्त में कार्य प्रारम्भ करें।
Aaj Ka Panchang 2 April 2026, Hanuman Jayanti, Chaitra Purnima : 2 अप्रैल 2026, गुरुवार का पंचांग धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज चैत्र पूर्णिमा, श्री हनुमान जन्मोत्सव और कई प्रमुख व्रत एवं उत्सव मनाए जा रहे हैं। इस दिन शुभ कार्यों के लिए कई उत्तम चौघड़िया उपलब्ध हैं, जिनमें कार्य प्रारम्भ करना लाभकारी माना जाता है। साथ ही राहुकाल, दिशा शूल और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति को ध्यान में रखकर दिन की योजना बनाना शुभ फल प्रदान करता है।
| क्रम संख्या | चौघड़िया प्रकार | समय अवधि | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 1 | शुभ | सूर्योदय – 07:53 | शुभ कार्य के लिए उपयुक्त |
| 2 | चर | 10:58 – 12:30 | सामान्य कार्य के लिए अच्छा |
| 3 | लाभ | 12:30 – 15:35 | लाभकारी कार्य के लिए उत्तम |
| 4 | अमृत | 12:30 – 15:35 | अत्यंत शुभ, सर्वोत्तम समय |
| 5 | शुभ | 17:08 – सूर्यास्त | शुभ कार्य के लिए उपयुक्त |
दिशा शूल - आज दक्षिण दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 1.30 से 3.00 तक रहेगा.
तिथि – पूर्णिमा तिथि प्रातः 7.42 तक होगी तदुपरान्त प्रतिपदा तिथि होगी ।
नक्षत्र – हस्त नक्षत्र सायं 5.39 तक होगा तदुपरान्त चित्रा नक्षत्र होगा ।
योग – ध्रुव योग दिन 2.20 तक रहेगा तदुपरान्त व्याघात योग रहेगा ।
करण – बव करण प्रातः 7.42 तक रहेगा तदुपरान्त बालव करण रहेगा।
व्रत / दिवस विशेष – चैत्री पूर्णिमा, सत्यव्रत, वैशाख स्नान प्रारंभ, श्री हनुमान जन्मोत्सव, मेला सालासर बालाजी व सत्यपुरी धाम वाटिका, सर्वदेव दमनोत्सव, जैन ओली पूर्ण, छत्रपति शिवाजी पुण्य दिवस।
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि कन्या राशि में होगा।
कन्या राशि का स्वामी बुध होता हैं। ये लोग अकाउंटेंट, बैंकिंग, ट्रेडिंग, अध्यापन और ज्योतिष का काम करना पसंद करते हैं और अच्छे लेखक भी होते हैं। इनकी वाणी व वाक् शक्ति में कुशलता होती हैं। ये कोमल स्वभाव के होते हैं। संगीत, कला-साहित्य, प्रियभाषी, अध्यापन, लेखन, क्रय-विक्रय में कुशल होते हैं। हैं। ये कोमल स्वभाव के होते हैं और व्यंग करना पसंद करते हैं। ये जातक प्रियभाषी, कार्य में सहायक, लज्जाशील प्रकृति, नरम स्वभाव और निति के अनुकूल काम करने वाला होगा। कल्पनाशील सूक्षमदर्शी एवं संवेदनशील स्वभाव का होता हैं। ये बुद्धिमान, तीव्र स्मरणशक्ति एवं अध्ययनशील प्रकृति के होते हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।