
Shukra Gochar : वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति और शुक्र को शुभ ग्रह कहा गया है। बृहस्पति जहां देवगुरू यानि देवताओं के गुरु हैं वहीं शुक्र यानि शुक्राचार्य दैत्यों के गुरु हैं। जातक के जीवन के समस्त सुख कुंडली में इन दोनों ग्रहों की स्थिति और मजबूती पर निर्भर करते हैैंं। नवग्रहों में शुक्र सभी भौतिक सुखों के कारक हैं। कुंडली में उनकी स्थिति अच्छी हो तो प्रचुर लाभ प्राप्त होते हैं। शुक्र देव 24 अक्टूबर को अपनी चाल बदल रहे हैं। इससे 3 राशि के जातकों को खासा लाभ मिल सकता है। जहां उनका आकर्षण बढ़ सकता है वहीं उन्हें प्रेम और पैसा भी मिल सकता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि शुक्र देव मूलतः विलासिता के कारक हैं। कुंडली में मजबूत होने पर वे धन, वैभव, ऐश्वर्य, आकर्षण और प्रेम प्रदान करते हैं। खास बात यह है कि बड़े धर्मगुरूओं या आध्यात्मिक शख्सियतों का शुक्र भी बहुत मजबूत होता है।
बृहद पराशर होरा शास्त्र के अनुसार शुक्र प्रधान व्यक्ति बेहद आकर्षक होता है। जिस जातक की कुंडली में शुक्र कारक होकर बलवान हो वह चमकीले नेत्रोंवाला, सुंदर, पढ़ने और लिखने का शौकीन, कफ एवं वायु प्रकृति का होता है। कुंडली में शुक्र केंद्र में या त्रिकोण में हों, उनमें भी ये विशेषताएं पाई जाती हैं।
धन और प्रेम व दांपत्य संबंधों के कारक शुक्र 24 अक्टूबर को चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। मंगल के नक्षत्र में उनका यह गोचर 3 राशिवालों के लिए बेहद शुभ साबित हो सकता है। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार शुक्र के गोचर से मेष, तुला और मीन राशि वालों को सर्वाधिक लाभ होगा। मिथुन और धनु राशि के जातक भी लाभान्वित होंगे।
शुक्र देव इन राशियों के जातकों की किस्मत चमका सकते हैं। उन्हें धन प्राप्त होगा और वाहन सुख भी मिलेगा। इसके साथ-साथ नौकरी में प्रमोशन के भी योग बनेंगे। शुक्र का नक्षत्र गोचर अन्य राशियों के लिए भी शुभ साबित हो सकता है। वे चित्रा नक्षत्र में 5 दिसंबर तक रहेंगे। इस अवधि में शुक्र के उपाय करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होगा।