
गब्बूर गली स्थित बाबा रामदेव मंदिर से निकली ज्वारा विसर्जन शोभायात्रा में मां अंबे की तस्वीर के साथ नाचते-गाते श्रद्धालु।
चौधरी मजल परिवार ने की महाआरती
मां अंबे की महाआरती के लाभार्थी रामरतन चौधरी मजल परिवार ने महाआरती की। भक्तिमय वातावरण में निकली यात्रा में श्रद्धालु भजन गाते और नाचते-झूमते हुए आगे बढ़ रहे थे। लाभार्थी परिवार की धन्नीदेवी चौधरी मजल शोभायात्रा के दौरान सिर पर ज्वार लेकर चल रहीं थीं। ज्वार को बाद में जलाशय में विसर्जित किया गया। मां अंबे के जयकारों और भजनों की मधुर धुनों से मार्ग गुंजायमान हो उठा। बुधवार सुबह मंदिर परिसर में मां अंबे की महाआरती की गई। श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लेकर माता की पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। इसके बाद बाबा रामदेव मंदिर से ज्वारा विसर्जन शोभायात्रा रवाना हुई।
मां अंबे की तस्वीर सजाई
शोभायात्रा में एक वाहन में मां अंबे की तस्वीर सजाई गई थी, जिसके दर्शन करते हुए श्रद्धालु आगे बढ़ रहे थे। यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए ग्लास हाउस पहुंची, जहां ज्वारा विसर्जन के साथ धार्मिक कार्यक्रमों का समापन हुआ। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। भक्तजन भजनों की धुन पर नाचते-गाते और माता के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। रास्ते में श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेयजल की व्यवस्था भी की गई, जिससे यात्रा में शामिल लोगों को राहत मिली। बड़ी संख्या में प्रवासी समाज के लोगों की भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया।
दुर्गाष्टमी पर हुआ हवन-यज्ञ
बाबा रामदेव मरुधर सेवा संघ, हुब्बल्ली के महासचिव मालाराम देवासी बिठूजा ने बताया कि ज्वारा विसर्जन से दो दिन पहले दुर्गाष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर में हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया था। धार्मिक विधि-विधान के साथ हुए हवन में श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित कर मां अंबे की आराधना की। इस दौरान परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और समाज में शांति की कामना की गई। हवन के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण रहा और श्रद्धालुओं ने अनुष्ठान में भाग लेकर माता का आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में भजन कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं ने मां अंबे की महिमा का गुणगान किया। पूरे नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक गतिविधियों के चलते उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना रहा।
पहले दिन से चल रहे थे धार्मिक आयोजन
बाबा रामदेव मरुधर सेवा संघ एवं बाबा रामदेव नवयुवक मंडल, हुब्बल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महोत्सव की शुरुआत नवरात्र के पहले दिन मंदिर परिसर में मां अंबे की तस्वीर स्थापित करने और प्रथम आरती के साथ हुई थी। इसके बाद पूरे नवरात्र प्रतिदिन सुबह और शाम मां अंबे की आरती तथा पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालु नियमित रूप से मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन करते और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते रहे। महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहे। प्रतिदिन शाम को महिलाओं के लिए गरबा-डांडिया का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक गीतों और गरबा-डांडिया के माध्यम से श्रद्धालुओं ने नवरात्र की सांस्कृतिक परंपराओं और सामूहिक उल्लास को जीवंत बनाए रखा। इस प्रकार नौ दिनों तक चले धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का समापन बुधवार को ज्वारा विसर्जन शोभायात्रा के साथ हुआ।
ये रहे उपस्थित
ज्वारा विसर्जन शोभायात्रा में किशनसिंह भाटी, रिड़मलसिंह सोलंकी सिवाना, रामलाल जणवा चौधरी, केसाराम चौधरी, धर्मेंद्र माली, सतीश माली, भगवान प्रजापत, गोविन्द दर्जी, अनोप दर्जी, मोहन देवासी थापन, अम्बाराम देवासी कुसीप, अरविंद कुमार, मालाराम देवासी, सुभाषसिंह जमादार, अभिषेक मेहता, रामरतन चौधरी, बाबूलाल सीरवी, वैनाराम सीरवी, महावीर वैष्णव, भरत राजपुरोहित सिलोर सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
Updated on:
21 Oct 2026 08:58 pm
Published on:
21 Oct 2026 05:59 pm
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