
Mercury Retrograde 2026:बुध ग्रह 29 जून से वक्री (Mercury Retrograde) होने जा रहे हैं, जिसका प्रभाव विभिन्न राशियों के करियर, व्यापार, संचार और आर्थिक मामलों पर पड़ सकता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, इस अवधि में निर्णय लेने में भ्रम, कार्यस्थल पर गलतफहमियां और वित्तीय मामलों में अतिरिक्त सावधानी की आवश्यकता हो सकती है। खासकर मिथुन, कन्या, धनु और मीन राशि के जातकों को इस दौरान सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जा रही है। आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्य प्रमोद शर्मा से राशियों पर बुध वक्री का संभावित प्रभाव और इससे जुड़े ज्योतिषीय उपाय।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 29 जून के बाद से चार राशि के जातकों को सबसे ज्यादा संभलकर रहने की जरूरत है:
इस राशि के जातकों के लिए कार्यस्थल पर परेशानियां बढ़ सकती हैं। सहकर्मियों या उच्च अधिकारियों के साथ वाद-विवाद की स्थिति बन रही है। आपकी बातों का गलत मतलब निकाला जा सकता है, जिससे आपकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है। इस दौरान कोई भी नया प्रोजेक्ट शुरू करने या जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें।
कन्या राशि वालों पर अचानक काम का बोझ बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा। छोटी-छोटी बातें बड़े विवादों का रूप ले सकती हैं। खासकर जो लोग पार्टनरशिप में बिजनेस कर रहे हैं, उन्हें अपने साझेदार पर पैनी नजर रखनी होगी, साझेदारी से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
यदि आप नई नौकरी तलाश रहे हैं या जॉब बदलने की सोच रहे हैं, तो फिलहाल इस विचार को त्याग दें। यह समय नए निवेश के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है। किसी भी दस्तावेज (Documents) पर बिना पढ़े दस्तखत न करें, अन्यथा भारी नुकसान हो सकता है। आर्थिक फैसले सोच-समझकर लेने की आवश्यकता हो सकती है।
मीन राशि वालों के लिए आर्थिक मोर्चे पर यह समय काफी तंगी भरा हो सकता है। नौकरी में अस्थिरता आ सकती है। इस समय किसी भी अनजान व्यक्ति पर अंधा भरोसा न करें। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना लाभदायक हो सकता है।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, बुध ग्रह को हमारी बुद्धि, वाणी, त्वचा और व्यापार का नियंत्रण प्राप्त है। जब बुध वक्री होते हैं, तो व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे समय में तकनीकी गड़बड़ियां (Technical Glitches), गैजेट्स का खराब होना, शेयर मार्केट में अचानक उतार-चढ़ाव और कागजी कार्रवाइयों में बड़ी गलतियां होना बेहद आम बात है।
यदि आपकी राशि भी इन चार में से एक है, तो घबराने की बजाय ज्योतिष शास्त्र में बताए गए इन आसान उपायों को अपनाकर आप बुध के इस दुष्प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं: