Holashtak 2025: होलाष्टक का समय मांगलिक कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है। यह आठ दिनों का एक विशेष समय होता है, जो फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से लेकर होलिका दहन तक चलता है। इस समय नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है। ऐसे में सुख-समृद्धि पाने के लिए तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। आइए इसे विस्तार से जानते हैं।
Holashtak 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, होलाष्टक वह अवधि होती है जो होली से पहले के आठ दिनों की होती है। इस दौरान शुभ कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है। होलाष्टक की अवधि फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से लेकर होलिका दहन तक होती है, जो इस साल 2025 में 6 मार्च से शुरू होकर 13 मार्च तक रहेगा। इन दिनों में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है। ऐसे में, होलाष्टक के इन दिनों में दीपक जलाने से न केवल घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, बल्कि ग्रहों के दोषों से मुक्ति भी मिल सकती है। हम ज्योतिषी नीतिका शर्मा से जानेंगे कि होलाष्टक में दीपक जलाने के सही नियम क्या हैं और कौन से दीपक जलाने से व्यक्ति को किस तरह के लाभ मिल सकते हैं।
होलाष्टक के दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है। सरसों तेल का दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। सरसों तेल विशेष रूप से शनि देव को प्रिय है। इस समय शनि देव का प्रभाव भी अधिक होता है, और सरसों तेल का दीपक जलाने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। विशेष रूप से तीसरे दिन।"ज्योतिषी नीतिका शर्मा के अनुसार, सरसों के दीपक को जलाने से ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है।
पंचमुखी दीपक पांच तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, और आकाश) का प्रतीक है। इसे जलाने से इन तत्वों का संतुलन बना रहता है, और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यह दीपक देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करने का एक प्रभावी तरीका है, और इससे कुंडली में स्थित अशुभ प्रभाव भी कम हो सकते हैं।
ज्योतिषी नीतिका शर्मा के अनुसार, होलाष्टक के दौरान घी का दीपक जलाने से सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। साथ ही, देवी-देवताओं की कृपा भी प्राप्त होती है। कहा जाता है कि अगर जीवन में किसी समस्या का सामना हो रहा हो, तो इस दौरान घी का दीपक जलाना अत्यंत लाभकारी होता है।
तिल के तेल का दीपक जलाने से सूर्य और चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है, जिससे जीवन में तरक्की के अवसर बनते हैं और ग्रह दोष भी समाप्त होते हैं। ज्योतिषी नीतिका शर्मा बताती हैं कि होलाष्टक के दौरान मुख्य द्वार पर तिल के तेल का दीपक जलाने से मां लक्ष्मी ,सूर्य देव और चंद्रमा की कृपा प्राप्त होती है, और घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है।चंद्रमा के लिए पहले दिन और सूर्य के लिए तीसरे दिन विशेष रूप से।