धर्म/ज्योतिष

Mahashivratri 2026: शनि की टेढ़ी नजर से पस्त इन 5 राशियों के लिए शिव बनेंगे ढाल

Mahashivratri 2026 Remedies: महाशिवरात्रि 2026 पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से प्रभावित 5 राशियों के लिए खास उपाय। जानिए शिव पूजा से कैसे मिलेगा शनि दोष से छुटकारा।

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Feb 13, 2026
Mahashivratri 2026 : महाशिवरात्रि पर शनि-शिव का दुर्लभ संयोग, बदल सकता है आपका भाग्य (फोटो सोर्स: AI image@Gemini)

Mahashivratri 2026 : क्या आपकी तरक्की रुक गई है या बिना वजह मानसिक तनाव घेरे रहता है? ज्योतिष शास्त्र की मानें तो इसका एक बड़ा कारण शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या हो सकता है। लेकिन घबराइए मत साल 2026 की 15 फरवरी को पड़ने वाली महाशिवरात्रि आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। शास्त्रों में कहा गया है कि शनि देव, भगवान शिव को अपना गुरु मानते हैं, इसलिए महादेव की भक्ति से शनि का प्रकोप शांत हो जाता है।

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इस साल शनि देव मीन राशि में विराजमान हैं, जिसका सीधा असर इन राशियों पर पड़ रहा है:

कुंभ राशि: साढ़ेसाती का आखिरी और तीसरा चरण (जाता हुआ शनि)

मीन राशि: साढ़ेसाती का दूसरा और सबसे भारी चरण

मेष राशि: साढ़ेसाती का पहला चरण (शुरुआत)

सिंह राशि: शनि की ढैय्या का प्रभाव

धनु राशि: शनि की ढैय्या का प्रभाव

महाशिवरात्रि पर ये 4 अचूक उपाय बदल देंगे आपकी किस्मत

अगर आप ऊपर दी गई राशियों में से एक हैं, तो 15 फरवरी को ये काम जरूर करें:

1. काले तिल का अभिषेक

    सामान्य जल की जगह लोटे में थोड़ा काला तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। शनि देव को काला तिल अत्यंत प्रिय है और जब इसे महादेव को अर्पित किया जाता है, तो शनि का नकारात्मक प्रभाव तुरंत कम होने लगता है।

    2. प्रदोष काल में मंत्र शक्ति:

      महाशिवरात्रि की शाम (प्रदोष काल) सबसे शक्तिशाली समय होता है। इस समय 'ॐ नमः शिवाय' के साथ-साथ शनि मंत्र 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का 108 बार जाप करें। अगर संभव हो तो रुद्राष्टकम का पाठ करें, इससे मानसिक शांति मिलती है।

      3. छाया दान और मदद:

        महाशिवरात्रि पर पूजा के बाद किसी गरीब या जरूरतमंद को काले उड़द, सरसों का तेल या गर्म कपड़ों का दान करें। शनि 'कर्मफल दाता' हैं, इसलिए जब आप किसी असहाय की मदद करते हैं, तो वे प्रसन्न होकर शुभ फल देने लगते हैं।

        4. बेलपत्र पर चंदन का प्रयोग:

          तीन पत्तों वाले बेलपत्र पर सफेद चंदन से 'राम' लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। हनुमान जी और शिव जी की संयुक्त कृपा से शनि दोष का असर बेअसर हो जाता है।

          क्यों खास है 2026 की महाशिवरात्रि?

          अमृत सिद्धि योग: ज्योतिष गणना के अनुसार, इस बार महाशिवरात्रि पर कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं, जिससे की गई पूजा का फल कई गुना बढ़ जाएगा।

          शनि-शिव का संबंध: पौराणिक कथाओं के अनुसार, शनि देव ने काशी में शिवलिंग की स्थापना कर घोर तपस्या की थी, जिसके बाद शिव जी ने उन्हें 'न्यायाधीश' का पद दिया था। यही कारण है कि शिवरात्रि पर शनि दोष की शांति सबसे जल्दी होती है।

          सावधानी: पूजा के दौरान मन में द्वेष न रखें और तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा) से पूरी तरह दूर रहें।

          अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

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