नया साल 2026 पितृ कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर है। इस दौरान श्रद्धा के साथ पीपल के वृक्ष पर पितरों को जल अर्पण करने से आर्थिक उन्नति, सुख-शांति और सफलता प्राप्त हो सकती है। यह सरल उपाय पूरे साल जीवन को सकारात्मक दिशा देता है।
पितृ देवता हमारे जीवन के रक्षक होते हैं। कहा जाता है कि जब पितर प्रसन्न होते हैं, तो घर में धन, सुख-शांति और सफलता स्वतः आती है। यही कारण है कि नए साल की शुरुआत पितृ पूजन और श्रद्धा के साथ करने से पूरे वर्ष के कष्ट दूर हो सकते हैं।
भले ही यह हमारा पारंपरिक नववर्ष न हो, लेकिन आज के समय में हमारे अधिकतर कार्य अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार ही होते हैं। ऐसे में मन, विचार और संकल्प का प्रभाव हमारे पूरे साल पर पड़ता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया छोटा सा उपाय भी जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकता है।
नए साल के दिन या उसके आसपास प्रातः काल स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करें। इसके बाद एक लोटा लें। यदि संभव हो तो पीतल या तांबे का लोटा श्रेष्ठ माना जाता है, लेकिन स्टील का लोटा भी लिया जा सकता है।
अब लोटे में थोड़ा सा कच्चा दूध, काले तिल और स्वच्छ जल मिला लें। इसके बाद पीपल के वृक्ष के पास जाएं।
पीपल के पेड़ के पास पहुंचकर पिता, पितामह और प्रपितामह का स्मरण करें। तर्जनी और अंगूठे के बीच से जल अर्पित करें और श्रद्धा भाव से पितरों का आह्वान करें। इसके बाद पीपल के वृक्ष की तीन परिक्रमा करें। यह उपाय बहुत सरल है, लेकिन इसका प्रभाव पूरे साल देखा जा सकता है।
मान्यता है कि जब पितर देव रूप में प्रसन्न होते हैं, तो वे जीवन के सभी विघ्नों को दूर कर देते हैं। आर्थिक समस्याएं कम होती हैं, रुके हुए काम बनने लगते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। नए साल 2026 में माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए यह उपाय बेहद प्रभावशाली माना गया है।