Pati Ko Parayi Stri Se Dur Karne Ka Mantra: आज के इस लेख में हम डॉ. आचार्य सतीश अवस्थी जी द्वारा बताया गया एक ऐसा उपाय बताने जा रहे हैं, जिसे करने से आप अपने पति को वापस अपनी जिंदगी में ला सकती हैं। आइए जानते हैं इस उपाय के बारे में।
Pati Ko Parai Stri Se Dur Karne Ka Mantra: शादी जैसा पवित्र रिश्ता किसी भी घर को खुशहाल बनाने में सबसे बड़ा रोल निभाता है। ऐसे में कभी-कभी ऐसा होता है कि किसी का अपना रिश्ता अच्छा नहीं चलने की वजह से वो दूसरे के रिश्तों पर नजर डालने लगता है, जिससे जाने-अनजाने में ही हंसते-खेलते परिवार में दरार आने लगती है और पति का ध्यान भटकने लगता है। ऐसी स्थिति में पत्नियां बहुत परेशान हो जाती हैं और उन्हें समझ नहीं आता कि क्या करें।
अगर आप भी इसी मुश्किल से गुजर रही हैं, तो हमारा आज का यह लेख आपके काम आ सकता है। यूट्यूब चैनल Love with Astrology पर डॉ. आचार्य सतीश अवस्थी ने एक बहुत ही आसान तरीका बताया है। इस उपाय को करके आप अपने पति को वापस अपनी जिंदगी में ला सकती हैं। आइए जानते हैं क्या है यह तरीका।
इस उपाय को करने के लिए आपको किसी खास त्यौहार या दिन का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। आप इसे किसी भी दिन शुरू कर सकती हैं। बस समय का विशेष ख्याल रखें, इसे आपको सूर्यास्त के बाद यानी शाम होने से लेकर सुबह के 4 बजे के बीच ही करना है।
सबसे पहले आप शांति से वज्रासन यानी घुटनों के बल बैठ जाएं। अब अपने दोनों हाथों को अपने सीने के पास लाएं और हथेलियों को इस तरह जोड़ें कि वो एक खिले हुए कमल के फूल जैसी दिखें। इसके बाद अपना चेहरा 120 डिग्री ऊपर की तरफ उठाएं और चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान रखें। मंत्र बोलने से पहले अपने पति का नाम लें, जिन्हें आप बहुत प्यार करती हैं।
अब इस मुद्रा में रहते हुए "ॐ अहद्रम अहद्रम अहद्रम महम" इस मंत्र का जाप करें। डॉ. आचार्य सतीश जी के अनुसार, आपको कम से कम 5 से 7 बार यह मंत्र बोलना है। अगर आप चाहें तो इससे ज्यादा बार भी इसका जाप कर सकती हैं, इसमें कोई पाबंदी नहीं है।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।