
Sawan 2026 Shani Vakri: भगवान भोलेनाथ का प्रिय सावन मास इस वर्ष 30 जुलाई से प्रारम्भ होकर 28 अगस्त तक चलेगा। संस्कारधानी के तिलवाराघाट, गौरीघाट और गुप्तेश्वर महादेव मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक की तैयारियां शुरू हो चुकी है। धार्मिक महत्व के साथ यह सावन ज्योतिषीय दृष्टि से भी विशेष माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस माह चार प्रमुख ग्रहों का राशि परिवर्तन होगा, जबकि शनि वक्री और गुरु अस्त अवस्था में रहेंगे। ग्रहों की यह स्थिति सभी 12 राशि व मौसम पर प्रभाव डालेगी।
ज्योतिर्विद जनार्दन शुक्ला ने बताया कि एक अगस्त को शुक्र कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। दो अगस्त को मंगल मिथुन राशि में जाएंगे। बुध पांच अगस्त को कर्क राशि में और 22 अगस्त को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं 17 अगस्त को सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में गोचर करेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन ग्रह परिवर्तनों से कई शुभ संयोग बनेंगे।
ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि गुरु बृहस्पति 14 जुलाई से अस्त है, जबकि शनि 27 जुलाई से वक्री रहेंगे। वहीं बुध 24 जुलाई को मार्गी होकर 25 जुलाई को उदित हो चुके है। उनका मानना है कि शनि की वक्री गति के कारण वर्षा में कुछ कमी या असमानता देखने को मिल सकती है। हालांकि, ग्रहों की समग्र स्थिति कई राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम और आर्थिक प्रगति के संकेत दे रही है।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार सावन में बनने वाला यह महासंयोग सभी राशियों पर अनुकूल प्रभाव डालेगा, लेकिन मेष, मिथुन, सिंह और तुला राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने सम्भावना है।
मेष राशि के जातकों के लिए आर्थिक स्थिति मजबूत होने और नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारियां मिलने के योग है। मिथुन राशि वालों के लिए नया व्यवसाय या स्टार्टअप शुरू करने का समय अनुकूल रहेगा तथा पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। सिंह राशि के जातकों को भाग्य का पूरा साथ मिलने, पैतृक सम्पत्ति और निवेश से लाभ के संकेत है। वहीं तुला राशि वालों के लिए आय के नए स्रोत बनने, पुराने कर्ज से राहत मिलने तथा मकान या वाहन खरीदने की योजना पूरी होने की सम्भावना व्यक्त की गई है।