Pushya nakshatra secrets boy personality ज्योतिष शास्त्र में नक्षत्रों का विशेष महत्व है। जन्म के समय के नक्षत्र का व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर पड़ता है। आज हम ऐसे नक्षत्र के बारे में बताएंगे जिसमें जन्मे लोग मेहनत से अपना मुकाम बनाते हैं और इन पर शनि देव का विशेष आशीर्वाद रहता है। साथ ही इस नक्षत्र में जन्मे लोगों का व्यक्तित्व, स्वभाव और खूबियां..
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पुष्य नक्षत्र, 27 नक्षत्रों में आठवां और बेहद शुभ है। यह चंद्रमा की कर्क राशि में पड़ता है। सभी नए सामान की खरीदारी, सोना, चांदी की खरीदारी के लिए इसे सबसे अधिक शुभ माना जाता है। इसलिए पुष्य नक्षत्र को धन के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस नक्षत्र के स्वामी शनि देव हैं। मान्यता है कि इस नक्षत्र में जिसका जन्म होता है, वे दूसरों की भलाई के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। इन्हें दूसरों की सेवा और मदद करना पसंद है।
अगर इनसे किसी को मदद चाहिए होता है तो जैसा व्यक्ति होता है उसके अनुसार उसके लिए तैयार रहते हैं और व्यक्तिगत लाभ की परवाह नहीं करते। ये अपने जीवन में सत्य और न्याय को महत्वपूर्ण स्थान देते हैं। ये किसी भी दशा में सत्य से हटना नही चाहते, अगर किसी कारणवश इन्हें सत्य से हटना पड़ता है तो, ये उदास और खिन्न रहते हैं। इन नक्षत्र के लोग बाल्यावस्था में मुश्किलों और कठिनाइयों से गुजरना पड़ता है। इससे युवावस्था तक ये परिपक्व हो जाते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पुष्य नक्षत्र में जन्मे लोग काफी मेहनत होते हैं और ये परिश्रम से पीछे नहीं हटते। ये मन लगाकर अपना काम करते हैं और मेहनत लगन से जीवन में आगे बढ़ते हैं और धीरे-धीरे तरक्की करते हैं। ये आलस्य को खुद पर हावी नहीं होने देते। आध्यात्म में इनकी काफी गहरी रूचि होती है।
पुष्य नक्षत्र वाले स्वभाव से चंचल होते हैं। ये अपने से विपरीत जेंडर वाले व्यक्तियों की ओर आसानी से आकर्षित हो जाते हैं। ये यात्रा के शौकीन होते हैं और एक स्थान पर टिक कर रहना पसंद नहीं करते। ये मिलनसार स्वभाव के होते हैं। ये व्यवस्थित और संयमित जीवन के अनुयायी होते हैं।
पुष्य नक्षत्र वाले गैर जरूरी चीजों पर धन खर्च नहीं करते हैं, और खर्च करने से पहले काफी सोच विचार करने के बाद ही निर्णय लेते हैं।
पुष्य नक्षत्र के मध्य में यानी द्वितीय और तृतीय चरण में जन्मे लोग बेहद प्रबल होते हैं, इनसे सदैव तंत्र आदि प्रयोगों से दूर ही रहना चाहिए। पुष्य नक्षत्र वालों पर जादू-टोने, तंत्र मंत्र का असर नहीं होता और ऐसी कोशिश करने वालों पर ही विपरीत असर हो सकता है। इससे उसको बड़ा नुकसान हो सकता है।
(नोट-इस आलेख में दी गई जानकारियां पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं, www.patrika.com इसका दावा नहीं करता। इसको अपनाने से पहले और विस्तृत जानकारी के लिए किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।)