
Shani Ki Sade Sati: प्रयागराज के ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय के अनुसार साल 2025 में 4 बड़े ग्रहों का राशि परिवर्तन होने वाला है। इनमें शनि, बृहस्पति, राहु और केतु हैं। इनमें से शनि सबसे धीमी चाल चलने वाले और प्रभावी ग्रह हैं। ये ढाई साल में अपनी राशि बदलते हैं।
मान्यता है कि किसी व्यक्ति को शनि शुभ फल देने लगें तो उसे रंक से राजा बना दें और शनि किसी को अशुभ फल देने लगें तो उसे राजा से रंक बना दें, अब 29 मार्च 2025 को शनि राशि परिवर्तन कर स्वराशि कुंभ से गुरु की राशि मीन में प्रवेश कर जाएंगे। यहां इनकी सूर्य, शुक्र और बुध की युति भी बनेगी। बहरहाल आचार्य वार्ष्णेय से जानते हैं मीन राशि में शनि गोचर का किन 3 राशियों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा (Shani Gochar 2025)।
प्रयागराज के ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय के अनुसार 29 मार्च 2025 को शनिदेव कुंभ राशि को छोड़कर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इससे मेष राशि पर साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी। इस तरह अगले ढाई साल तक शनि की साढ़ेसाती से मीन राशि, कुंभ राशि और मेष राशि वाले प्रभावित रहेगी।
वहीं मीन राशि में शनि राशि परिवर्तन 2025 से सिंह राशि और धनु राशि वालों पर 29 मार्च 2025 से ढैय्या चलने वाली है। यद्यपि साढ़ेसाती कुंभ, मीन मेष पर रहेगी, तथापि तीनों राशियों पर शनि का प्रभाव अलग-अलग रहेगा।
आचार्य वार्ष्णेय के अनुसार शनि के विभिन्न पाया भेद से फल बदल जाता है, अतः शनि पाया ज्ञान भी आवश्यक है। इस दौरान किसी पर चढ़ती साढ़ेसाती, किसी पर उतरती साढ़ेसाती तो किसी पर मध्य साढ़ेसाती रहेगी। आइये जानते हैं शनि राशि परिवर्तन से साढ़ेसाती का क्या प्रभाव होगा।
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शनि की साढ़ेसाती मेष राशि वालों के सिर पर 29 मार्च 2025 से प्रभावी होने वाली है, जिसके चलते मेष राशि वालों का किसी भी क्षेत्र में लिया गया निर्णय गलत हो सकता है। इससे मेष राशि वालों की परेशानी बढ़ सकती है। अतः शनि का उपाय अवश्य करें।
साढ़ेसाती का मध्य प्रभाव मीन राशि पर राशि परिवर्तन 29 मार्च से प्रभावशाली होगा, जिसके चलते मीन राशि वाले बुजुर्गों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
29 मार्च 2025 से शनि के मीन राशि पर आने के कारण केवल ढाई वर्ष की शेष साढ़ेसाती कुंभ राशि पर रहेगी, जो कि शनि के अगले ढाई वर्ष बार राशि परिवर्तन करने से उतरकर समाप्त हो जाएगी। हालांकि वाणी और खर्चों पर नियंत्रण रखना होगा।