
Shukra Ketu Yuti effects-क्या आपको अचानक रिश्तों में दूरी, बेवजह अकेलापन, बढ़ते खर्च या वाहन से जुड़ी परेशानियां महसूस हो रही हैं? इसकी वजह आकाश में बना शुक्र और केतु का दुर्लभ संयोग भी हो सकता है। पंडित पंकज उपाध्याय के अनुसार यह योग जहां अलगाव और विरक्ति का संकेत देता है, वहीं कुछ लोगों को अचानक बड़ा धन लाभ भी दिला सकता है। 10 जुलाई को योगिनी एकादशी के साथ की ग्रहों की चाल में भी बदलाव दिख रहा है। आज शुक्र और केतु ग्रह दोनों बिल्कुल पास पास है।
शुक्र विलासिता से सम्बंधित सभी सुविधाओं के अलावा प्रेम प्रणय और धन संपदा का भी ग्रह है, केतु एक संत की अकेला रहने वाला ग्रह है। इसे विच्छेद कारी ग्रह (seperative) भी कहते है। सब सूखों से विरक्ति का भाव दे कर अकेलेपन की तरफ ले जाना, जिन कुंडलियों में ये योग होता है। वे बार बार अकेलेपन की तरफ जाते है। कई बार परिस्थितियां ऐसी बन जाती है कि वे पारिवारिक सुख नहीं भोग पाते।
वर्तमान में बने इस योग की वजह से कई लोग अपने वाहन से संबंधित परेशानियां भोग रहे होंगे। तो कुछ वैवाहिक जीवन में अलगाव महसूस कर रहे होंगे। हालांकि, ये बड़ा धन योग भी है। कुंडली में जन्म के साथ बने इस योग के वाले लोगों के पास बड़ा धन आता है। धन के प्रति उदासीन भाव होने से जाता भी तेजी से है।
कुछ दिनों में दोनों ग्रह अलग अलग हो जाएंगे क्योंकि शुक्र आगे कन्या राशि की तरफ बढ़ जाएगा। परंतु हमेशा ध्यान रखे किसी भी ग्रह के प्रभाव को कम करने का सबसे आसान तरीका है। उस ग्रह के प्रभाव को हावी ना होने दिया जाए। केतु जितना प्रयास करे एकांत देने का हम परिवार के साथ अधिक से अधिक रहे, खर्च की अधिकता बढ़ाए तो हम आर्थिक योजना बना कर कार्य करे।
जिस प्रकार से हम भौतिक या दैहिक परिस्थितियों से लड़ते है वैसे भी मानसिक परिस्थितयाे से भी लड़ना चाहिए। जो बहुत खाने का मन कर रहा हो (मिठाइयां)तो उसे बिलकुल नहीं खाएं और जो बिल्कुल खाना पसंद ना हो (स्वास्थ्यवर्धक भोजन) वो उसे खाएं।ग्रहों को संतुलित करने की सबसे बेहतर रेमेडी यही मानी जाती है।