
Surya Rashi Parivartan April: नवग्रहों के राजा सूर्य 14 अप्रैल 2025 सोमवार को अपने मित्र मंगल की राशि मेष में प्रवेश करेंगे। मेष राशि सूर्य की उच्च राशि भी है और 15 मई 2025 तक सूर्य यहीं भ्रमण करेंगे (Surya Gochar 2025)। इस राशि में सूर्य मजबूत रहते हैं और पूरी शक्ति के साथ रिजल्ट देते हैं। कुछ को सकारात्मक और कुछ को नकारात्मक। आइये जानते हैं किन राशियों पर सूर्य राशि परिवर्तन का नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा ...
मेष राशि में सूर्य गोचर इस समय मंगल के नकारात्मक प्रभाव को नियंत्रित करेगा। भले ही सूर्य हर मामले में अच्छे परिणाम न दे सकें फिर भी उच्च अवस्था में होने के कारण कुछ सकारात्मक परिणाम देगा। इस समय सूर्य मेष राशि वालों का मित्रों और प्रिय जनों के साथ संबंध मजबूत कर सकते हैं।
इस समय मेष राशि वालों के प्रेम संबंधों में भी अनुकूलता देखने को मिल सकती है। हालांकि इस समय मेष राशि वालों में गुस्सा बढ़ा रहेगा। सिर दर्द, बुखार की परेशानी आ सकती है। कभी-कभी कुछ संबंधियों से नाराजगी भी देखने को मिल सकती है लेकिन विद्यार्थियों को शिक्षा के मामले में अच्छे रिजल्ट मिलेंगे।
उपाय: अगले एक महीने तक गुड़ खाने से बचें।
मेष राशि में सूर्य राशि परिवर्तन वृषभ राशि वालों को सकारात्मक फल देने वाला है। इस समय वृषभ राशि वालों को विदेश से संबंधित मामलों में अनुकूल परिणाम मिल सकता है लेकिन यह सूर्य का गोचर वृषभ राशि वालों से व्यर्थ की यात्राएं भी करा सकता है। इसके कारण खर्च बढ़ते हैं और कभी-कभी शासन प्रशासन से जुड़े मामलों में कुछ परेशानी आती है।
इसके प्रभाव से नेत्रों और पैरों से संबंधित कुछ तकलीफे रह सकती हैं और लापरवाही में हानि उठानी पड़ सकती है। इस तरह ज्यादातर मामलों में सूर्य गोचर वृषभ राशि वालों को सतर्क रहने का संकेत कर रहा है। लेकिन यदि आपका संबंध विदेश से है या आप विदेश में रह रहे हैं तो कुछ अच्छे परिणाम भी मिल सकते हैं।
उपाय: नियमित रूप से मंदिर जाना वृषभ राशि वालों के लिए शुभता लाएगा।
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सूर्य कन्या राशि के आठवें भाव में हो रहा है। इस समय द्वादश भाव के स्वामी, आठवें भाव में उच्च अवस्था में रहेंगे, जो विपरीत राजयोग के समान है। इससे सूर्य से कुछ मामलों में अप्रत्याशित रूप से अच्छा रिजल्ट मिल सकता है। लेकिन ज्यादातर मामलों में सूर्य से अच्छा फल नहीं देंगे। इस समय सूर्य स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानियां दे सकते हैं।
यदि आप किसी भी तरीके से शासन प्रशासन से जुड़े हुए व्यक्ति हैं तो इस अवधि में सरकारी नियमों का उल्लंघन बिल्कुल भी न करें। यदि आप सामान्य व्यक्ति हैं और सरकार से किसी भी तरीके का कोई लेना देना इस समय है, जैसे कि कोर्ट में कोई केस चल रहा है या किसी अधिकारी से आपको मिलने जाना है तो अपनी ओर से कोई गलती न करें, वर्ना भारी नुकसान हो सकता है। इस समय उचित खानपान और रहनसहन से आपकी सेहत अच्छी रहेगी।
उपाय: क्रोध और कलह से दूर रहें आपको लाभ होगा।
तुला राशि वालों के लिए सूर्य लाभ भाव के स्वामी होते हैं और सप्तम भाव में गोचर करेंगे। सप्तम भाव में सूर्य का गोचर अच्छा नहीं माना जाता क्योंकि यह निजी संबंधों विशेषकर पति-पत्नी से संबंधित मामलों में परेशानी पैदा करता है। सूर्य का मेष राशि में गोचर अहंकार बढ़ा सकता है, जिससे संबंधों में गिरावट आ सकती है। यह गोचर यात्राओं में तकलीफ दे सकता है।
व्यापार व्यवसाय में कुछ दिक्कत ला सकता है। लेकिन लाभेश होकर व्यापार व्यवसाय से संबंधित भाव में उच्च अवस्था में जाना कुछ मामलों में अच्छे लाभ भी दे सकता है। कुल मिलाकर सूर्य गोचर कुछ मामलों में तो अनुकूल परिणाम देगा, लेकिन आपको सावधानी से काम करना होगा, वर्ना सूर्य के नकारात्मक परिणाम झेलने पड़ सकते हैं।
उपाय: मेष राशि में सूर्य गोचर की अवधि में नमक कम खाएं, विशेष रूप से रविवार को, इस समय खुद में धैर्य और शांति लाने का अभ्यास करें।
सूर्य गोचर धनु राशि के पंचम भाव में होने वाला है। सामान्य तौर पर यहां सूर्य गोचर अच्छा नहीं माना जाता है। मान्यता है कि इससे धनु राशि वाले भ्रमित होते हैं। शिक्षा और संतान से संबंधित मामलों में कुछ परेशानी आती है। लेकिन भाग्य भाव के स्वामी का उच्च का होना धार्मिक मामलों में अनुकूल परिणाम दे सकता है। अर्थात धर्म या अध्यात्म के लिए यह समय अवधि अच्छी है।
उपाय: सरसों के तेल की आठ बूंदे कच्ची मिट्टी में टपकाना शुभ रहेगा।
सूर्य गोचर मकर राशि के चतुर्थ भाव में होगा, आमतौर पर यहां सूर्य गोचर अच्छा नहीं होता। ऐसे में सामान्य व्यक्तियों को सूर्य मानसिक तनाव दे सकते हैं। माता या किसी घरेलू सदस्य को लेकर कोई चिंता या परेशानी रह सकती है। सूर्य का मेष राशि में गोचर घर-गृहस्थी को लेकर मन विचलित कर सकता है।
जमीन जायदाद से संबंधित मामलों में भी कुछ परेशानी पैदा कर सकता है। यदि आपको हृदय आदि से संबंधित कोई तकलीफ पहले से है तो इस समय सावधान रहना होगा। यदि आप अपने घर में नहीं रहते या किसी कारण से आपने सांसारिक मोह त्याग दिया है, आप साधनारत व्यक्ति हैं तो यह अवधि आपको बहुत अच्छे परिणाम दे सकती है। आपको कुछ अद्भुत अनुभूतियां भी हो सकती हैं लेकिन सामान्य व्यक्तियों के लिए यह गोचर अच्छा नहीं कहा जाएगा।
उपाय: यथा सामर्थ्य गरीबों को भोजन करवाना शुभ रहेगा।
सूर्य राशि परिवर्तन मीन राशि के दूसरे भाव में हो रहा है। सामान्य तौर पर दूसरे भाव में सूर्य का गोचर को अच्छा नहीं माना जाता। सूर्य का मीन राशि में गोचर मुख से संबंधित कुछ परेशानियां दे सकता है। आंखों से संबंधित कुछ दिक्कत इस अवधि में हो सकती है। आर्थिक मामलों में भी कुछ नुकसान हो सकता है।
परिजनों के साथ भी संबंध कुछ कमजोर रह सकते हैं लेकिन यदि आप कहीं से लोन इत्यादि लेने की कोशिश में हैं तो सूर्य गोचर से लाभ हो सकता है।
उपाय: किसी मंदिर में नारियल और बादाम का दान करना शुभ रहेगा।