
Surya Kanya Rashi Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र में सूर्य का विशेष स्थान है। सूर्य देव को सभी ग्रहों का राजा कहा जाता है। वे हर महीने राशि परिवर्तन करते हैं। इस गोचर का सभी राशियों पर प्रभाव पड़ता है। ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि सूर्य देव 17 सितंबर को कन्या राशि में गोचर करेंगे। सूर्य देव 17 सितंबर को सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में गोचर करेंगे। इस राशि में सूर्य देव 17 अक्टूबर तक रहेंगे।
सूर्य के शुभ प्रभाव से जॉब और बिजनेस में तरक्की के योग बनते हैं और लीडरशीप करने का मौका भी मिलता है। ज्योतिष में सूर्य को आत्माकारक ग्रह कहा गया है। इसके प्रभाव से आत्मविश्वास बढ़ता है। पिता, अधिकारी और शासकिय मामलों में सफलता भी सूर्य के शुभ प्रभाव से मिलती है। वहीं सूर्य का अशुभ प्रभाव असफलता देता है। जिसके कारण कामकाज में रुकावटें और परेशानियां बढ़ती हैं। धन हानि और स्थान परिवर्तन भी सूर्य के कारण होता है। सूर्य के अशुभ प्रभाव से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी होती है।
भगवान श्री विष्णु की उपासना करें। बंदर, पहाड़ी गाय या कपिला गाय को भोजन कराएं। रोज उगते सूर्य को अर्घ्य देना शुरू करें। रविवार के दिन उपवास रखे। रोज गुढ़ या मिश्री खाकर पानी पीकर ही घर से निकलें। जन्मदाता पिता का सम्मान करें, प्रतिदिन उनके चरण छुकर आशीर्वाद लें । भगवान सूर्य की स्तुति आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें ।
वृष, कन्या, वृश्चिक और मकर राशि वाले लोगों के लिए समय अच्छा रहेगा। इन राशि वाले लोगों को जॉब और बिजनेस में तरक्की मिल सकती है। प्रॉपर्टी और आर्थिक मामलों में फायदा मिल सकता है। सेहत के लिए समय अच्छा रहेगा। किस्मत का साथ मिल सकता है। पारिवारिक मामलों के लिए भी समय शुभ कहा जा सकता है। इन 4 राशि वालों पर मौजूदा अशुभ ग्रह स्थिति का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
मेष, मिथुन, सिंह और धनु राशि वाले लोगों के लिए मिला-जुला समय रहेगा। इन 6 राशि वाले लोगों को धन लाभ तो होगा, लेकिन खर्चा भी हो जाएगा। कुछ मामलों में सितारों का साथ मिलेगा वहीं कामकाज में रुकावटें, तनाव और विवाद होने की भी आशंका है। सेहत संबंधी परेशानी भी हो सकती है।
कर्क, तुला, कुंभ और मीन राशि वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इन 4 राशि वाले लोगों को संभलकर रहना होगा। कामकाज में रुकावटें आ सकती हैं। विवाद होने की आशंका है। धन हानि और सेहत संबंधी परेशानियां भी हो सकती हैं। नए काम की शुरुआत करने से बचना होगा। कर्जा न लें। कामकाज में लापरवाही और जल्दबाजी करने से भी बचना चाहिए।