घर में रखी छोटी-छोटी चीज़ें भी हमारे भाग्य को प्रभावित करती हैं। बंद घड़ियां, बंद ताले, फटे जूते-कपड़े और पुरानी मूर्तियां जीवन में रुकावट और दुर्भाग्य बढ़ा सकती हैं। समय-समय पर घर की सफाई, अनुपयोगी वस्तुओं का त्याग और दान करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
हमारे जीवन और घर का माहौल सिर्फ हमारे कर्मों से नहीं, बल्कि आसपास मौजूद वस्तुओं की ऊर्जा से भी प्रभावित होता है। वास्तु और ज्योतिष के अनुसार हर वस्तु एक खास तरह की ऊर्जा उत्सर्जित करती है। यदि वस्तु सही स्थिति में है तो शुभ ऊर्जा देती है, लेकिन अगर वही वस्तु खराब, टूटी या अनुपयोगी हो जाए तो नकारात्मक ऊर्जा पैदा कर सकती है। यही नकारात्मकता धीरे-धीरे जीवन में दुर्भाग्य और रुकावटों का कारण बनती है।
घर में बंद पड़ी घड़ियां इस बात का संकेत मानी जाती हैं कि जीवन की गति थम गई है। घड़ी समय के प्रवाह का प्रतीक है। यदि घड़ी बंद है तो माना जाता है कि बुरा समय भी लंबा खिंच जाता है।
उपाय: सभी घड़ियों को चालू रखें। जो घड़ियां इस्तेमाल में नहीं हैं, उन्हें घर से हटा दें।
ऐसे ताले जिनकी चाबी खो चुकी हो और जो सालों से बंद पड़े हों, जीवन में अवसरों को रोकते हैं।
उपाय: या तो ताले खुलवाएं या उन्हें कबाड़ में बेच दें। घर में बंद ताले न रखें।
जूते-चप्पल संघर्ष और मेहनत के प्रतीक हैं। फटे या खराब जूते जीवन में अनावश्यक मेहनत और परेशानियां बढ़ाते हैं।
उपाय: जूते ठीक कराकर इस्तेमाल करें या शनिवार के दिन जरूरतमंद को दान कर दें।
कपड़ों का सीधा संबंध भाग्य से माना जाता है। अलमारी में भरे अनुपयोगी कपड़े नकारात्मकता बढ़ाते हैं।
उपाय: जो कपड़े नहीं पहनते, उन्हें धोकर, साफ कर दान कर दें।
घर में रखी देवी-देवताओं की खंडित या रंग उड़े हुए चित्र-मूर्तियां मानसिक और आध्यात्मिक असंतुलन पैदा करती हैं।
उपाय: ऐसी मूर्तियों को सम्मानपूर्वक जल में प्रवाहित करें या जमीन में दबाएं, और नई मूर्तियां स्थापित करें।