जल तत्व की राशियां—कर्क, वृश्चिक और मीन—भावनात्मक, संवेदनशील और रचनात्मक होती हैं। सही संतुलन और मार्गदर्शन मिलने पर ये राशियां जीवन में ज्ञान, करुणा और सफलता का बड़ा स्रोत बन सकती हैं।
जैसे हमारे जीवन में जल का विशेष महत्व है, वैसे ही ज्योतिष में जल तत्व की राशियां भी बहुत अहम मानी जाती हैं। जल तत्व भावनाओं, कल्पना, करुणा और रचनात्मकता का प्रतीक है। ज्योतिष में 12 राशियों को चार तत्वों—अग्नि, पृथ्वी, वायु और जल—में बांटा गया है। इस लेख में हम जल तत्व की राशियों, उनके स्वभाव और जीवन पर उनके प्रभाव को आसान शब्दों में समझेंगे।
ज्योतिष शास्त्र पांच तत्वों पर आधारित है—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश। जल तत्व का संबंध मन, भावनाओं, कल्पना और संवेदनशीलता से होता है। जिन जातकों की कुंडली में जल तत्व मजबूत होता है, उनमें उदारता, क्रिएटिविटी और दूसरों को समझने की क्षमता अधिक होती है।
कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं। यह राशि भावनात्मक, संवेदनशील और परिवार से जुड़ी होती है। कर्क राशि के लोग केयरिंग होते हैं और दूसरों की भावनाओं को जल्दी समझ लेते हैं। हालांकि कभी-कभी ज्यादा भावुक होना इनकी कमजोरी बन जाता है।
वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं। इस राशि के लोगों में गहराई, जुनून और दृढ़ इच्छा शक्ति होती है। ये लोग लेखन, शिक्षा, चिकित्सा और राजनीति में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। वृश्चिक राशि वालों की सबसे बड़ी कमजोरी उनकी बदला लेने की प्रवृत्ति मानी जाती है। शिव उपासना और सही मार्गदर्शन से इनके जीवन के कष्ट कम हो सकते हैं।
मीन राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। यह राशि ज्ञान, आध्यात्म और करुणा की प्रतीक है। मीन राशि के लोग अच्छे हीलर, शिक्षक और कलाकार बनते हैं। युवावस्था में भटकाव संभव है, लेकिन सही दिशा मिलने पर ये बड़ी सफलता प्राप्त करते हैं। हर चीज को परफेक्ट बनाने की चाह कभी-कभी तनाव का कारण बनती है।
अक्सर माना जाता है कि बृहस्पतिवार को नहाना, कपड़े धोना या साबुन इस्तेमाल करना अशुभ है, लेकिन इसका ज्योतिष से कोई सीधा संबंध नहीं है। यह नियम पुराने समय में पानी बचाने के लिए बनाए गए थे। हां, जल की बर्बादी से बचना जरूर चाहिए।