Yellow Sapphire : पीला पुखराज बृहस्पति का अत्यंत शक्तिशाली रत्न है। सही कुंडली में यह जीवन को धन, धर्म, ज्ञान और शांति से भर देता है। लेकिन गलत तरीके से धारण करने पर यह नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसलिए पुखराज पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।
Yellow Sapphire : ज्योतिष में बृहस्पति (Jupiter) को ज्ञान, धर्म, धन, विवाह और आध्यात्म का कारक माना गया है। बृहस्पति को मजबूत करने के लिए जिस रत्न को सबसे प्रभावी माना जाता है, वह है पीला पुखराज (Yellow Sapphire / Pukhraj Stone)। यह रत्न जितना सुंदर और दैवीय है, उतना ही प्रभावशाली भी। लेकिन ध्यान रखें, इसका प्रभाव बहुत तेज होता है, इसलिए बिना कुंडली जांच के इसे पहनना नुकसानदायक हो सकता है।
क्या है और इसकी विशेषता
पीला पुखराज बृहस्पति ग्रह का मुख्य रत्न है। इसे बृहस्पति को मजबूत करने के लिए धारण किया जाता है।
इस रत्न का प्रभाव तेज और लंबे समय तक रहने वाला होता है। आमतौर पर पुखराज को सोने या पीतल की अंगूठी में तर्जनी उंगली में गुरुवार सुबह धारण किया जाता है।
ध्यान रखें, बृहस्पति एक अत्यंत प्रभावशाली ग्रह है, इसलिए बिना विशेषज्ञ सलाह के पुखराज पहनना नुकसानदायक हो सकता है।
अक्सर लोग बिना सोचे-समझे रत्न धारण कर लेते हैं। अगर आपकी कुंडली में बृहस्पति अनुकूल नहीं है, तो पीला पुखराज लाभ की जगह हानि पहुंचा सकता है।
गलत स्थिति में यह मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान या गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है। इसलिए पुखराज पहनने से पहले कुंडली में बृहस्पति की स्थिति अवश्य जांचें।
यदि पुखराज आपकी कुंडली के अनुसार अनुकूल हो, तो इसके कई सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं—
विशेष रूप से आध्यात्मिक और मानसिक स्थिरता के लिए पुखराज बेहद लाभकारी माना जाता है।
ज्योतिष के अनुसार इन लग्नों में पुखराज सामान्यतः शुभ माना जाता है—
मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन लग्न
इन जातकों को पुखराज पहनने से बृहस्पति के सकारात्मक फल प्राप्त होते हैं।
इन लग्नों में पुखराज पहनना अशुभ हो सकता है—
वृषभ, तुला, मकर और कुंभ लग्न
मिथुन और कन्या लग्न में विशेष परिस्थितियों और विशेषज्ञ परामर्श के बाद ही पुखराज धारण करना चाहिए।