
Ekadashi Kab Hai: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi) के नाम से जाना जाता है। योगिनी एकादशी के दिन 12 राशि के जातक कुछ ऐसे उपाय कर सकते हैं जिनसे उनको धन लाभ और करियर में फायदा हो सकता है। आपको बताते हैं 5 ऐसे उपाय जिनको आप योगिनी एकादशी के दिन कर सकते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक योगिनी एकादशी का व्रत करने से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है। साल 2026 में योगिनी एकादशी का पर्व 10 जुलाई, शुक्रवार को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों की माने तो, योगिनी एकादशी का प्रभाव केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं माना जाता, बल्कि करियर, आर्थिक स्थिति, पारिवारिक जीवन और मानसिक संतुलन पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
इस दौरान कुछ राशियों को नए अवसर मिलने के संकेत मिलते हैं, जबकि कुछ लोगों को पुराने कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बन सकती है।
राजस्थान पुजारी महासंघ के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष और पंडित सुदामा शर्मा के मुताबिक, योगिनी एकादशी पर आप 5 ऐसे उपाय कर सकते हैं जिससे आपको लाभ हो सकता है। ये उपाय 12 राशि के जातक कर सकते हैं।
पंडित सुदामा शर्मा के मुताबिक, योगिनी एकादशी के दिन श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत रखने का विशेष महत्व है। माना जाता है कि पूरे मन से रखा गया यह व्रत आत्मिक शांति प्रदान करता है और व्यक्ति को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
योगिनी एकादशी पर फल दान का भी विशेष महत्व बताया गया है। इनमें आम का दान शुभ माना जाता है। मान्यता है कि जरूरतमंदों को फल दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है।
सफेद तिल का दान भी इस एकादशी पर शुभ कार्यों में शामिल माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तिल का दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है और व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है।
योगिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के प्रिय मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का श्रद्धापूर्वक जाप करना शुभ माना जाता है। पंडित सुदामा शर्मा ने बताया कि योगिनी एकादशी के दिन इस मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। इस मंत्र का स्मरण मन को एकाग्र करता है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का माध्यम बनता है।
इस पावन तिथि पर भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की पूजा भी विशेष फलदायी मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने पर परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है तथा जीवन में शुभता का संचार बना रहता है।