भारत में एक्सप्रेसवे पर ड्राइविंग करने के दौरान कई ऐसी स्थितियाँ होती हैं, जिनसे ड्राइवर के साथ पैसेंजर्स की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। कौनसी हैं ये स्थितियाँ? आइए जानते हैं।
आबादी के मामले में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। जितनी ज़्यादा आबादी, उतने ज़्यादा सड़क पर व्हीकल्स। और जितने ज़्यादा व्हीकल्स, उतनी ही ज़्यादा एक्सीडेंट की रिस्क। देश में कई बड़े एक्सप्रेसवे हैं। नॉर्मल सड़क के मुकाबले एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक कम रहता है पर फिर भी एक्सीडेंट की रिस्क रहती है। एक्सप्रेसवे पर लोग तेज़ स्पीड में व्हीकल्स चलाते हैं। साथ ही अक्सर कई ऐसी स्थितियाँ भी पैदा हो जाती हैं, जिनसे खतरा बढ़ सकता है।
कौनसी हैं ये स्थितियाँ?
आइए एक नज़र डालते है एक्सप्रेसवे पर ड्राइविंग के दौरान ऐसी 10 बड़ी स्थितियाँ हैं, जिनसे एक्सीडेंट की रिस्क रहती है। इनसे बचने के लिए सावधानी बरतना बहुत ही ज़्यादा ज़रूरी है।
1. नींद आना
एक्सप्रेसवे पर दिन-रात ट्रैफिक रहता है। ऐसे में रात के समय नींद आने की स्थिति में ड्राइवर के साथ पैसेंजर्स के लिए भी एक्सीडेंट की रिस्क रहती है।
2. तेज़ स्पीड के कारण टायर फटना
एक्सप्रेसवे में तेज़ स्पीड से व्हीकल चलाने पर टायर फटने की रिस्क रहती है। इस वजह से एक्सीडेंट की रिस्क रहती है।
3. ऑइल लीक होना
एक्सप्रेसवे पर तेज़ स्पीड में चल रहे व्हीकल एक्सप्रेसवे पर लीक हुए ऑइल की वजह से फिसल सकते हैं। इससे भी एक्सीडेंट की रिस्क रहती है।
4. धीरे चलने वाले व्हीकल्स
एक्सप्रेसवे पर ज़्यादातर व्हीकल्स तेज़ स्पीड से ही चलते हैं। ऐसे में धीमी स्पीड से चलने वाले व्हीकल्स के अचानक सामने आने से भी एक्सीडेंट की रिस्क रहती है।
5. लूटपाट
एक्सप्रेसवे शहर की रेंज से बाहर होते हैं। ऐसे में एक्सप्रेसवे पर लूटपाट की भी रिस्क रहती है। इस वजह से भी एक्सीडेंट की रिस्क रहती है।
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6.कोहरा
सर्दियों सुबह और रात के समय कोहरा रहता है। ऐसे में ड्राइविंग के दौरान विज़िबिलिटी कम रहने से भी एक्सीडेंट की रिस्क रहती है।
7. स्थानीय लोगों का अचानाक व्हीकल के सामने आना
एक्सप्रेसवे शहर से कुछ दूर होते हैं। ऐसे में इनके पास रहने वाले स्थानीय लोगों का अचानक व्हीकल्स के सामने आ जाने से भी एक्सीडेंट की रिस्क रहती है।
8. जानवरों का अचानक व्हीकल्स के सामने आना
एक्सप्रेसवे पर तेज़ स्पीड से चल रहे व्हीकल्स के सामने अचानक जानवरों के आ जाने से भी एक्सीडेंट की रिस्क रहती है।
9. फ्यूल स्टेशन की कमी
एक्सप्रेसवे पर फ्यूल स्टेशन कम ही होते हैं। ऐसे में फ्यूल खत्म होने की स्थिति में भी एक्सीडेंट की रिस्क भी रहती है।
10. लेफ्ट लेन में स्पीड से चलने वाले व्हीकल्स
एक्सप्रेसवे पर लेफ्ट लेन में स्पीड में चल रहे व्हीकल्स अक्सर ही स्पीड में ओवरटेक करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में पीछे चल रहे व्हीकल्स के लिए एक्सीडेंट की रिस्क रहती है।
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