2019 में ऑटोमोबाइल सेक्टर मंदी की मार झेल चुका है जिसकी वजह से कई कंपनियों की हालत काफी खराब हो चुकी है ऐसे में कई कंपनियों ने इस बार ऑटो एक्सपो 2020 से किनारा करने का फैसला ले लिया है।
नई दिल्ली: भारत में हर साल ऑटो एक्सपो का आयोजन किया जाता है जिसमें देशी और विदेशी तमाम ऑटोमोबाइल कंपनियां हिस्सा लेती हैं और अपने आगामी प्रोडक्ट्स को शोकेस करती हैं। इस आयोजन के जरिये लोग आने आने वाले प्रोडक्ट्स के बारे में अच्छी तरह से जान पाते हैं लेकिन 2019 में ऑटोमोबाइल सेक्टर मंदी की मार झेल चुका है जिसकी वजह से कई कंपनियों की हालत काफी खराब हो चुकी है ऐसे में कई कंपनियों ने इस बार ऑटो एक्सपो 2020 ( Auto Expo 2020 ) से किनारा करने का फैसला ले लिया है। आपको बता दें कि 7 फरवरी से ऑटो एक्सपो शुरू होने जा रहा है जो 12 फ़रवरी तक चलेगा।
ये दिग्गज कंपनियां करेंगी ऑटो एक्सपो से किनारा
फोर्ड , फिएट , होंडा कार्स इंडिया , बीएमडब्ल्यू , कमर्शियल व्हीकल निर्माता अशोक लीलैंड और टू-व्हीलर कंपनी हीरो मोटोकॉर्प जैसी कंपनियां शामिल नहीं होंगी। ऑटो एक्सपो में हिस्सा ना लेने वाली विदेशी कंपनियों में चीन की सबसे बड़ी एसयूवी और पिकअप ट्रक निर्माता कंपनी ग्रेट वॉल मोटर्स, फॉक्सवैगन और स्कोडा होंगी शामिल हैं। ऑटो एक्सपो में इन कंपनियों की गैरमौजूदगी इसकी रौनक को थोड़ा फीका कर सकती हैं। खैर इसके अलावा जितनी भी बची हुई कंपनियां हैं वो अपनी अपकमिंग फ्यूचर कारों को पेश करेंगी।
इतना ही नहीं बल्कि दिग्गज टू-व्हीलर्स निर्माता कंपनियां भी इस आयोजन से खुद को दूर रखने का मन बना चुकी हैं जिनमें टीवीएस ( TVS ) , यामाहा ( Yamaha ), बजाज ( Bajaj ) , रॉयल एनफील्ड ( royal Enfield ) , होंडा और केटीएम जैसी कंपनियां शामिल हैं। ये कंपनियां हर साल अपने बेहतरीन प्रोडक्ट्स को अनवील करती आईं हैं लेकिन इस बार इन कंपनियों की गैर मौजूदगी से आयोजन की चमक कम पड़ सकती है।
मंदी है बड़ी वजह
साल 2019 की शुरुआत से ही ऑटोमोबाइल सेक्टर की हालत काफी खराब चल रही है और ये सिलसिला अभी तक बदस्तूर जारी है और बजट 2020 से ऑटोमोबाइल सेक्टर को काफी सारी उम्मीदें हैं, अगर सरकार इस सेक्टर के लिए बजट में ख़ास प्रावधान करे तो इस सेक्टर को वापस से पटरी पर लाया जा सकता है।