Union Budget 2026 में ऑटो सेक्टर पर बड़ा फोकस। CNG में बायोगैस ब्लेंडिंग, EV बैटरी पर राहत और ग्रीन मोबिलिटी से जुड़े फैसलों की पूरी जानकारी।
Budget 2026 Auto Sector: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2026 में ग्रीन एनर्जी और ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए ऑटो सेक्टर से जुड़े कई अहम ऐलान किए हैं। बजट के तहत जहां CNG और PNG में बायोगैस की चरणबद्ध अनिवार्य ब्लेंडिंग का प्रावधान किया गया है, वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के पूरे इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए भी कई राहतें दी गई हैं।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि अब CNG और घरेलू इस्तेमाल की PNG में चरणबद्ध तरीके से बायोगैस मिलाना अनिवार्य किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाना है। इस कदम से प्रदूषण में कमी के साथ-साथ वैकल्पिक ईंधन के उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
बजट 2026 में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर सीधा सब्सिडी ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन EV बैटरियों और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ई-वाहन मैन्युफैक्चरिंग और चार्जिंग नेटवर्क को सपोर्ट करेगी, ताकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ई-बसों को बढ़ावा दिया जा सके।
बजट में EV बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले 35 अतिरिक्त कैपिटल गुड्स और मोबाइल फोन बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के लिए 28 कैपिटल गुड्स को कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा, लिथियम-आयन बैटरी स्क्रैप, कोबाल्ट पाउडर और कई अहम मिनरल्स को भी बेसिक कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह मुक्त किया गया है।
सरकार का मानना है कि इन फैसलों से देश में बैटरी निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लागत घटने की संभावना बनेगी और आगे चलकर इलेक्ट्रिक गाड़ियां आम यूजर्स के लिए ज्यादा किफायती हो सकती हैं।
बजट 2026 में एक अहम सामाजिक फैसला भी लिया गया है। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे पर मिलने वाले ब्याज को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूरी तरह इनकम टैक्स से फ्री किया गया है। साथ ही, इस ब्याज पर TDS भी समाप्त करने का ऐलान किया गया है, जिससे पीड़ितों को पूरी राशि मिल सकेगी।
कुल मिलाकर, बजट 2026 में किए गए ये फैसले सरकार की ग्रीन मोबिलिटी और स्वच्छ ऊर्जा को लेकर गंभीर मंशा को दर्शाते हैं। CNG में बायोगैस ब्लेंडिंग से लेकर EV बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को राहत तक, इन कदमों का असर आने वाले समय में ऑटो इंडस्ट्री और आम उपभोक्ताओं दोनों पर देखने को मिल सकता है।