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Automobile Industry: अगले 5 सालों में भारत होगी दुनिया की नंबर 1 ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री; चीन, अमेरिका रह जाएंगे पीछे

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के मुताबिक, पिछले वित्तीय वर्ष (FY24) में भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का परफॉर्मेंस अच्छा रहा है।
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Updated: 11 Dec 2024, 1:11 PM IST
Automobile Industry

Automobile Industry in India: भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। हां, सेल्स के मामले में आंकड़े ऊपर नीचे होते रहते हैं। देश में ऑटो कंपनियां लगातर नए-नए प्रोडक्ट लॉन्च कर रही हैं, जिससे बाजार और बड़ा हो रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भरोसा जताया है कि अगले पांच सालों में भारत, अमेरिका और चीन को पछाड़कर दुनिया का नंबर ओने ऑटोमोबाइल बन जाएगा।

अमेरिका है विश्व का सबसे बड़ा बाजार

नितिन गडकरी ने मंगलवार को अमेजन संभव शिखर सम्मेलन में कहा कि, उनके पदभार संभालने के बाद से भारतीय ऑटो बाजार मार्केट 7 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये हो गया है। मौजूदा समय में, संयुक्त राज्य अमेरिका 78 लाख करोड़ रुपये के मार्केट साइज के साथ नंबर वन पोजीशन पर है, इसके बाद दूसरे नंबर पर 47 लाख करोड़ रुपये के मार्केट साइज चीन है।

भारत का मार्केट साइज 22 लाख करोड़ रुपये का है, इसमें महत्वपूर्ण संभावनाएं हैं। गडकरी ने कहा, मुझे विश्वास है कि 5 सालों के भीतर, भारत दुनिया का नंबर वन ऑटोमोबाइल बाजार होगा। उन्होंने आगे कहा कि, ग्लोबल ऑटोमोबाइल ब्रांड्स की भारत में उपस्थिति देश की क्षमता का संकेत है, भारत के लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए अपने मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजनाओं की भी रूपरेखा तैयार की है।

भारत में लाजिस्टिक लागत 16 फीसदी

भारत में लॉजिस्टिक कॉस्ट मौजूदा समय में 16 प्रतिशत है, जबकि चीन में यह 8 प्रतिशत और अमेरिका और यूरोप में यह लगभग 12 प्रतिशत है। सरकार ने लॉजिस्टिक्स कॉस्ट को अगले दो सालों के भीतर 9 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा है।

गडकरी ने कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का भी जिक्र किया है, जो प्रमुख शहरों के बीच यात्रा के समय को काफी कम करेंगी। उदाहरण के तौर पर, दिल्ली से देहरादून तक के सफर में मौजूदा समय में लगभग नौ घंटे लगते हैं, जनवरी 2025 तक घटकर केवल दो घंटे रह जाएगी। इसी तरह, आने वाले समय में दिल्ली और मुंबई के साथ-साथ चेन्नई और बेंगलुरु के बीच यात्रा के समय में भी कमी देखने को मिलेगी, क्योंकि देश में हाइवे बेहतर हो रहे हैं।

FY24 में हुई 12.5 फीसदी की ग्रोथ

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के मुताबिक, पिछले वित्तीय वर्ष (FY24) में भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का परफॉर्मेंस अच्छा रहा है। इस दौरान घरेलू उद्योग 2,38,53,463 गाड़ियों की बिक्री के साथ 12.5 फीसदी की ग्रोथ को दिखाता है। जबकि वित्तीय वर्ष 2023 में सेल्स का आंकड़ा 2,12,04,846 यूनिट्स रहा है।

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11 Dec 2024, 1:11 PM IST
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