ऑटोमोबाइल

अक्टूबर 2026 से शहरों में चलेंगी सिर्फ लो-फ्लोर बसें, इन लोगों को होगा फायदा, जानें नया नियम

Low Floor Buses in India: क्या अक्टूबर 2026 से शहर की बसों का चेहरा बदल जाएगा? जानिए सरकार का नया नियम जिसने 9 मीटर से लंबी बसों के लिए लो-फ्लोर (400mm) अनिवार्य कर दिया है। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अब सफर होगा आसान।

2 min read
Jan 19, 2026
Low Floor Buses in India (Image: Gemini)

Low Floor Buses in India: शहर की भागदौड़ में बस पकड़ना किसी जंग जीतने से कम नहीं है। खासकर तब, जब बस की सीढ़ियां इतनी ऊंची हों कि उन पर चढ़ने के लिए पूरी ताकत लगानी पड़े। आपने अक्सर देखा होगा कि घुटनों के दर्द से परेशान कोई बुजुर्ग, गोद में बच्चा लिए कोई मां या फिर कोई दिव्यांग साथी बस में चढ़ने के लिए संघर्ष कर रहा होता है। लेकिन अब शहरों के इस सफर के दर्द को कम करने के लिए सरकार ने एक बड़ा और बेहद संवेदनशील कदम उठाया है।

अच्छी खबर यह है कि सरकार ने यात्रियों की इस परेशानी को समझते हुए शहरों में चलने वाली नई बसों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार के नए नियम के मुताबिक, अक्टूबर 2026 के बाद बनने वाली शहरों की बसें अब हाई-फ्लोर नहीं होंगी।

ये भी पढ़ें

फट गया है FASTag या स्कैन होने में आ रही है दिक्कत? टोल पर ज्यादा पैसा देने से अच्छा है घर बैठे ऐसे बदलें

अब बस में नहीं लगानी होगी छलांग

नए नियम के तहत, शहर के अंदर (इंट्रा-सिटी) चलने वाली सभी नई बसों को लो-फ्लोर (Low-floor) डिजाइन में तैयार करना अनिवार्य होगा। इसका सीधा सा मतलब यह है कि अब बस का फर्श जमीन से बहुत ज्यादा ऊंचा नहीं होगा। तय मानकों के अनुसार, बस का फर्श जमीन से लगभग 400 मिलीमीटर (mm) ऊंचा रखा जाएगा। यानी अब बस में कदम रखना किसी ऊंची सीढ़ी पर चढ़ने जैसा नहीं, बल्कि घर की दहलीज पार करने जितना आसान होगा।

यह नियम 9 मीटर या उससे ज्यादा लंबाई वाली नई इंट्रा-सिटी बसों पर लागू होगा, जो अक्टूबर 2026 के बाद तैयार की जाएंगी।

किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?

सरकार का यह फैसला सीधे तौर पर करोड़ों आम यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगा।

  • बुजुर्ग और मरीज: जिन्हें ऊंची सीढ़ियां चढ़ने में घुटनों या जोड़ों में परेशानी होती है।
  • महिलाएं और बच्चे: भारी बैग या छोटे बच्चों के साथ सफर करना अब ज्यादा सुरक्षित और आसान होगा।
  • दिव्यांगजन: लो-फ्लोर डिजाइन की वजह से उनके लिए बस में चढ़ना और उतरना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान और सम्मानजनक बनेगा।

कब से बदलेगी शहर की बसों की तस्वीर?

सरकार ने इस बदलाव को लागू करने के लिए बस निर्माण से जुड़ी कंपनियों को स्पष्ट समय-सीमा दी है।

  • अक्टूबर 2026 से शहरों के लिए बनने वाली सभी नई इंट्रा-सिटी बसें लो-फ्लोर डिजाइन की होंगी।
  • अभी सड़कों पर चल रही मौजूदा बसों को तुरंत हटाने या बदलने का कोई आदेश नहीं दिया गया है।
  • बदलाव निर्माण स्तर (Manufacturing Stage) से लागू होगा।
  • सिर्फ सुविधा नहीं, सुरक्षा भी होगी प्राथमिकता

अब तक कई कंपनियां हाई-फ्लोर बसें इसलिए बनाती थीं क्योंकि वे अपेक्षाकृत सस्ती पड़ती थीं, लेकिन इससे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा प्रभावित होती थी। नए नियमों के तहत बनने वाली लो-फ्लोर बसों को AIS-216 जैसे आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुसार तैयार किया जाएगा।

इसका फायदा यह होगा कि बस के अंदर चलने-फिरने की जगह बेहतर होगी, सहारा देने वाले हैंडल अधिक उपयोगी होंगे और आपात स्थिति में बस से बाहर निकलना पहले के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित बनेगा।

कुल मिलाकर क्या बदलेगा?

2026 के बाद हमारे शहरों में आने वाली नई बसें न सिर्फ आधुनिक दिखेंगी, बल्कि वे हर नागरिक के लिए चाहे वह बच्चा हो, बुजुर्ग हो या दिव्यांग सफर को ज्यादा आसान, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।

ये भी पढ़ें

फट गया है FASTag या स्कैन होने में आ रही है दिक्कत? टोल पर ज्यादा पैसा देने से अच्छा है घर बैठे ऐसे बदलें

Published on:
19 Jan 2026 04:11 pm
Also Read
View All

अगली खबर