मुंबई के फ्लाईओवर्स पर अब स्पीड लिमिट डिसाइड की गई है। लोगों को अब स्पीड लिमिट को ही फॉलो करना पड़ेगा नहीं तो उन्हें हालां भरना पड़ सकता है।
नई दिल्ली: अक्सर आपने देखा होगा कि फ्लाईओवर्स पर लोग चढ़ते ही लोग अपने वाहन को बेहद तेज़ गति में भगाने लगते हैं जिसकी वजह से कई बार बड़े एक्सीडेंट्स ( Road Accident ) हो जाता हैं। फ्लाई ओवर्स ( Flyover ) पर एक्सीडेंट रोकने और लोगों जाम लगने से बचाने के लिए मुंबई के फ्लाईओवर्स पर अब स्पीड लिमिट ( New Speed limits for Flyovers ) ( New Speed limits for Flyovers in Mumbai ) डिसाइड की गई है। लोगों को अब स्पीड लिमिट को ही फॉलो करना पड़ेगा नहीं तो उन्हें हालां भरना पड़ सकता है।
एक अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक़ अब यातायात पुलिस ने शहर में फ्लाईओवर, पुलों और राजमार्गों पर वाहनों के लिए नई गति सीमाएं निर्धारित की हैं। जिनका पालन हर वाहन चालक को करना पड़ेगा। वाहन चालक को नई स्पीड लिमिट्स पर ही फ्लाईओवर्स पर चलने की इजाज़त होगी।
अधिकारी ने यह भी कहा है कि शहर में वाहनों की संख्या में वृद्धि और दुर्घटनाओं को रोकने के मकसद से ये फैसला लिया गया है। अधिकारी ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) प्रवीण पडवाल ने हाई कपैसिटी अर्बन सड़कों पर भी गति सीमा को संशोधित किया है।
जानकारी के मुताबिक़ बांद्रा वर्ली सी लिंक और ईस्टर्न फ्रीवे की गति सीमा 80 किमी प्रति घंटा है, जबकि मोटर यात्री पूर्वी एक्सप्रेस राजमार्ग, सायन पनवेल राजमार्ग, सांताक्रूज- चेम्बूर लिंक रोड ( एससीएलआर ) और लालबाग फ्लाईओवर पर 70 किमी प्रति घंटे तक ड्राइव कर सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक़ अब जेजे फ्लाईओवर पर, मोटर यात्री 60 किमी प्रति घंटे और 35 किमी प्रति घंटे की गति से ड्राइव कर सकते हैं, जबकि मरीन ड्राइव की गति सीमा 65 किमी प्रति घंटा है।