
Akhilesh Yadav Krishna Avatar:समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार को अयोध्या में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान वह हाथ में त्रिशूल और चक्र लिए नजर आए। कार्यक्रम पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के पैतृक आवास कृष्णापुर में आयोजित किया गया था। कथा के दौरान अखिलेश यादव ने भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़े सामाजिक न्याय, समानता, प्रेम, दया और बंधुत्व के संदेशों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मानवता की रक्षा किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है।
अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में एक कविता के माध्यम से भेदभाव, महिलाओं के अपमान, युवाओं के सपनों पर हमले और वंचित वर्गों पर हो रहे अत्याचार का जिक्र किया। उन्होंने इन मुद्दों के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि तब तू उठा त्रिशूल और बन सुदर्शनधारी।
वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या में रामलला के दर्शन को लेकर चल रही अटकलों पर भी जवाब दिया। उन्होंने ऐलान किया कि वह जल्द ही अपनी टीम के साथ राम मंदिर में दर्शन करने आएंगे। अखिलेश ने कहा कि उन्होंने पहले संकल्प लिया था कि केदारेश्वर धाम का निर्माण पूरा होने के बाद ही अयोध्या में रामलला के दर्शन करेंगे।
अखिलेश यादव ने बताया कि इटावा के सैफई क्षेत्र में भगवान शिव के केदारेश्वर मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मंदिर का संबंध देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की परंपरा से है। अखिलेश ने पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय से कहा कि वह दर्शन के लिए तारीख तय करें, ताकि सभी लोग राम मंदिर पहुंच सकें।
अखिलेश यादव साल 2022 से 2026 के बीच तीसरी बार अयोध्या पहुंचे हैं, लेकिन अब तक रामलला के दर्शन नहीं किए हैं। साल 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान वह अयोध्या में रोड शो करने आए थे। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद क्षेत्र में चुनावी कार्यक्रमों में शामिल हुए।
जनवरी 2024 में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण को लेकर अखिलेश ने कहा था कि वह समारोह के बाद दर्शन करने आएंगे। अब 2026 में भागवत कथा में शामिल होने के लिए अयोध्या पहुंचे, लेकिन रामलला के दर्शन नहीं किए। इसको लेकर राजनीतिक चर्चा तेज है। ऐसे में अखिलेश का नया बयान अहम माना जा रहा है।
अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई क्षेत्र में यमुना नदी के किनारे केदारेश्वर महादेव मंदिर बनवा रहे हैं। करीब 50 बीघा क्षेत्र में फैले इस मंदिर का शिलान्यास उन्होंने 7 मार्च 2021 को किया था। मंदिर के मुख्य भवन को उत्तराखंड के केदारनाथ मंदिर की तर्ज पर बनाया जा रहा है। वहीं, इसके परिसर की बनावट तमिलनाडु के तंजावुर स्थित बृहदेश्वर मंदिर से प्रेरित है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मंदिर का मुख्य भवन और गर्भगृह लगभग तैयार हो चुके हैं। इसके उद्घाटन को लेकर चुनाव से पहले की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, उद्घाटन की तारीख की आधिकारिक पुष्टि नहीं है।