अयोध्या

84 Kosi Parikrama Marg : अब अयोध्या में रामभक्त फोरलेन मार्ग से करेंगे 84 कोसी परिक्रमा

Ayodhya 84 Kosi Parikrama Marg- केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने दी जानकारी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया आभार

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Jul 21, 2021

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
अयोध्या. Ayodhya 84 Kosi Parikrama Marg declared National Highway- अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर दिया गया है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने यह जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि अयोध्या में करीब 80 किमी की रिंग रोड और 275 किमी की अयोध्या चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग नेशनल हाइवे बनेगा। देश और विदेश के पर्यटक अयोध्या में 84 कोसी परिक्रमा फोरलेन मार्ग से कर सकेंगे। अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किये जाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में 'चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग' को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने के लिए अधिसूचना जारी होना अयोध्या के पुरातन गौरव की पुनर्स्थापना के लिए बढ़ाया गया बड़ा कदम है। यह आध्यात्मिक पर्यटन क्षेत्र को संबल प्रदान करेगा।

अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा मार्ग 275.35 किलोमीटर तक फैला है। इसमें अयोध्या, अम्बेडकर नगर, बाराबंकी, बस्ती और गोंडा सहित पांच जिले शामिल हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से गोंडा, रायबरेली, अयोध्या, सुलतानपुर के लोग भी इससे सीधे जुड़ जाएंगे। 84 लाख योनियों में भटकने से बचने के लिए अयोध्या की 84 कोसी य़़ात्रा की हिन्दुओं में काफी मान्यता है। राजा दशरथ की अयोध्या 84 कोस में फैली थी। भगवान राम से जुड़े पौराणिक स्थल इसी 84 कोस परिक्रमा मार्ग पर हैं। अयोध्या से 20 किमी उत्तर स्थित बस्ती जिले के मखौड़ा धाम से परिक्रमा यात्रा शुरू होती है। रास्ते में कुल 21 पड़ाव पड़ते हैं। अयोध्या में तीन प्रकार परिक्रमा होती हैं। इन्हें 84 कोसी, 14 कोसी और पंचकोसी परिक्रमा कहा जाता है।

राम जन्मभूमि स्थाई सुरक्षा समिति की बैठक
अयोध्या में राम जन्मभूमि स्थाई सुरक्षा समिति की बैठक में सुरक्षा-व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में लखनऊ से पकड़े गए अलकायदा के आतंकवादियों का भी मुद्दा उठा। एडीजी सुरक्षा वीके सिंह ने बताया कि राम जन्मभूमि की सुरक्षा-व्यवस्था में पहले ही सीआरपीएफ, पीएसी और जिला पुलिस तैनात है। इसकी समीक्षा की गई और राम मंदिर निर्माण को देखते हुए सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता है। समिति चाहती है कि बगैर समझौता किए राम मंदिर का निर्माण चलता रहे और श्रद्धालु निर्बाध दर्शन करते रहें। वीके सिंह ने बताया कि समय-समय पर सुरक्षा की समीक्षा की जाती रही है। बैठक में सीआपीएफ, पीएससी के अधिकारी समेत खुफिया तंत्र के अधिकारी, रेंज के आईजी और जिले के डीएम एसएसपी भी मौजूद रहे।

Published on:
21 Jul 2021 06:55 pm
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