अयोध्या

Deepotsav 2019 : नभ-जल और थल से होगी अयोध्या में निगरानी, 21 अक्टूबर तक पूरी होंगी दीपोत्सव की तैयारियां

मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी और डीजीपी ओपी सिंह ने अयोध्या में तैयारियों का लिया जायजा

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Oct 15, 2019
मुख्य सचिव और डीजीपी ने हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन के बाद वह राम की पैड़ी का निरीक्षण किया, जहां पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में दीपोत्सव कार्यक्रम होना है

अयोध्या. रामनगरी में दीपोत्सव की तैयारियां जोरों पर है। अयोध्या विवाद पर संभावित फैसले के मद्देनजर यहां सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सुरक्षा को देखते हुए जिले में 10 दिसंबर तक धारा 144 लागू कर दी गई है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी और डीजीपी ओपी सिंह अयोध्या पहुंचे और तैयारियों का जायजा लिया। कहा कि दीपोत्सव के दौरान सुरक्षा-व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी। पुुलिस टीमें नभ-जल और थल से निगरानी करेंगी। इस दौरान मुख्य सचिव ने कार्यदायी संस्था निर्माण निगम व उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन को तैयारियों के लिए 21 अक्टूबर की डेडलाइन दी। तय तारीख पर कार्य पूरे नहीं होने पर जिम्मेदार संस्था के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

अयोध्या पहुंचे मुख्य सचिव और डीजीपी ने हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन के बाद वह राम की पैड़ी का निरीक्षण किया, जहां पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में दीपोत्सव कार्यक्रम होना है। राम कथा पार्क गए, जहां पर भगवान राम लक्ष्मण सीता पुष्पक विमान से उतरेंगे। इसके बाद तुलसी स्मारक भवन में साधु संतों के साथ बैठक की। फिर जिले के पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के साथ बैठक की।

ऐसी होगी अयोध्या की सुरक्षा-व्यवस्था
डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि इस बार हम लोग भव्य तरीके से दीपावली मनाएंगे। इसके लिए सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस जमीन के ऊपर, पानी में और हवा में से निगरानी रखेगी। पैरामिलिट्री फोर्स सीआरपीएफ पीएसी रिवर पुलिस सभी की व्यवस्था रहेगी। जिला प्रशासन हर संभव उपाय करता है। उसी के मद्देनजर धारा 144 लगाई गई है। दीपावली व परिक्रमा मेला के साथ ही कई और आयोजन है, इसीलिए धारा 144 लगाई गई है।

जन सहयोग से ऐतिहासिक होगा दीपोत्सव
मुख्य सचिव ने कहा कि दीपोत्सव का कार्यक्रम बहुत ऐतिहासिक रहेगा। इस बार रिकॉर्ड संख्या में दीप जलाए जाएंगे और दीप केवल पर्यटन विभाग और सरकार के स्तर पर नहीं, इसमें जन-जन की भागीदारी होगी। हमारी कोशिश है कि लगभग दो लाख दीप जनता के द्वारा जलाए जाएं। सरकारी भवनों पर प्राइवेट भवनों में जलाए जाएंगे। इस बार जो दीप जलेंगे वह अपने आप में विश्व रिकॉर्ड बनेंगे। हर जगह सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर हम संकल्पित हैं। इसके लिए जन सहयोग भी लिया जा रहा है।

Updated on:
15 Oct 2019 07:54 pm
Published on:
15 Oct 2019 07:27 pm
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