Ayodhya News: अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने चार दिन बाद इस्तीफा वापस लिया। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई टिप्पणी से वह काफी आहत है। वही भाई ने फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट का आरोप लगाया था। जबकि अफसर ने भाई पर मुख्तार गैंग से जुड़े होने का दावा किया है।
Ayodhya News: अयोध्या में तैनात जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने चार दिन बाद अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। उन्होंने साफ कहा कि उन पर किसी तरह का दबाव नहीं है और वह सामान्य रूप से अपने कार्यालय में काम कर रहे हैं। इस्तीफे के बाद मामला पारिवारिक और प्रशासनिक विवादों से और उलझ गया।
Ayodhya News: उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में तैनात जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने इस्तीफा देने के चार दिन बाद अपने फैसले से यू-टर्न ले लिया है। प्रशांत कुमार सिंह का कहना है कि उन्होंने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया था। अब बिना किसी दबाव के उसे वापस लेने का निर्णय किया है। फिलहाल वह अपने दफ्तर में नियमित रूप से काम कर रहे हैं।
प्रशांत कुमार सिंह ने 27 जनवरी की दोपहर इस्तीफा दिया था। इससे पहले प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान शंकराचार्य की एक टिप्पणी पर उन्होंने खुलकर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का समर्थन करते हुए कहा था कि वह मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने यह भी कहा था कि ठेला-गाड़ी या पालकी पर बैठकर कोई भी व्यक्ति मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं कर सकता है। ऐसे बयानों से समाज में गलत संदेश जाता है।
इस्तीफे के बाद मामला तब और गंभीर हो गया। जब उनके भाई विश्वजीत सिंह ने उन पर गंभीर आरोप लगाए। विश्वजीत का दावा है कि प्रशांत कुमार सिंह को दिव्यांग कोटे से नौकरी मिली थी। इसके लिए प्रस्तुत किया गया दिव्यांगता प्रमाण पत्र फर्जी है। इस शिकायत के आधार पर प्रमुख सचिव कामिनी रतन चौहान ने राज्यकर आयुक्त नितिन बंसल से रिपोर्ट मांगी है। विश्वजीत सिंह ने अपनी बहन जया सिंह पर भी फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी हासिल करने का आरोप लगाया है। जया सिंह वर्तमान में कुशीनगर जिले की हाटा तहसील में तहसीलदार के पद पर तैनात हैं। जया सिंह ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह सब पारिवारिक विवाद का नतीजा है। और वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।
वहीं, प्रशांत कुमार सिंह ने पलटवार करते हुए अपने भाई विश्वजीत सिंह पर गंभीर आपराधिक आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वजीत मुख्तार अंसारी के मऊ गैंग से जुड़ा रहा है। और उसका आर्थिक सलाहकार भी था। साथ ही, उसके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। प्रशांत का यह भी आरोप है कि विश्वजीत ने माता-पिता के साथ मारपीट की थी। जिस मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है।