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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में, 17 साल से CCTV अधिकारी अर्जुन देव SIT के रडार पर, चंपत राय के करीबी होने का दावा

Ayodhya Ram Mandir Case: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नया मोड़। SIT की रिपोर्ट में 17 साल से तैनात CCTV अधिकारी अर्जुन देव की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे हैं। जानिए क्या है पूरा मामला।
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Jun 27, 2026
Ayodhya Ram Mandir donation scam case, Ram Mandir offering theft investigation
CCTV निगरानी अधिकारी अर्जुन देव पर गंभीर आरोप | फोटो सोर्स- patrika.com

Champat Rai Ayodhya: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के पैसे गायब होने के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले की जांच कर रही स्पेशल टीम SIT की रडार पर अब पुलिस के वायरलेस विभाग के अधिकारी अर्जुन देव आ गए हैं। अर्जुन देव के पास ही उस काउंटिंग रूम की CCTV निगरानी की जिम्मेदारी थी, जहां मंदिर के चढ़ावे के नोटों की गिनती होती थी। अब इस बड़ी लापरवाही में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

अफसर पर ट्रस्ट के कामों में दखल देने का आरोप

SIT की जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि अर्जुन देव सिर्फ अपनी मेन ड्यूटी कैमरे देखने तक ही सीमित नहीं थे। वह राम मंदिर ट्रस्ट के कई प्रशासनिक कार्यों में भी काफी दखल करते थे। मंदिर परिसर में आने वाले VVIP मेहमानों को दर्शन कराने से लेकर परिसर की अन्य व्यवस्थाओं को संभालने में उनकी सक्रिय भूमिका रहती थी। जांच एजेंसी का मानना है कि इस अतिरिक्त दखल और लापरवाही की वजह से ही सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक हुई है।

17 साल से अयोध्या में जमे, हर बार रुक जाता था ट्रांसफर

SIT की रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला पहलू अर्जुन देव की अयोध्या में लंबी तैनाती को लेकर है। वह साल 2009 से लगातार अयोध्या में ही जमे हुए हैं। इस दौरान कई बार मुख्यालय से उनके ट्रांसफर के आदेश जारी किए गए, लेकिन हर बार उनका तबादला रुकवा दिया गया। हाल ही में लखनऊ से जारी हुआ उनका एक ट्रांसफर ऑर्डर भी रद्द हो गया था। SIT इस बात का पता लगा रही है कि आखिर इतने लंबे समय तक वह एक ही जगह कैसे जमे रहे।

ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों से करीबी संबंध

SIT रिपोर्ट के अनुसार, अर्जुन देव के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत कई बड़े पदाधिकारियों से बेहद करीबी संबंध हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं रसूखदार संबंधों की वजह से उनका तबादला हर बार रुक जाता था। जांच एजेंसी का कहना है कि सुरक्षा जैसे संवेदनशील पद पर बैठे अधिकारी का व्यवस्था में जरूरत से ज्यादा दखल देना ठीक नहीं है। फिलहाल इस मामले में टिन्नू यादव और अर्जुन देव दोनों पर आगे की बड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।

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