अयोध्या

Ram Mandir Donation Controversy: ‘चंपत राय ने रात के अंधेरे में मंदिर की ईंटे गायब कर दीं’, हिंदू धर्म सेना प्रमुख संतोष दुबे का चौंकाने वाला खुलासा

उत्तर प्रदेश के अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी (Ayodhya Ram Mandir Donation Theft) मामले पर राजनीतिक बयनबाजी जारी है। अब हिंदू धर्म सेना प्रमुख संतोष दुबे (Hindu Dharma Sena chief Santosh Dubey) ने चौंकाने वाला दावा किया है।
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Jul 11, 2026
Ram Mandir Donation Controversy
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद (फाइल फोटो- पत्रिका)

Ayodhya Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी (Ram Mandir Chadava Chori) मामले पर हिंदू धर्म सेना प्रमुख संतोष दुबे (Santosh Dubey) ने बड़ा दावा किया है। संतोष दुबे ने कहा- राम फकीरे मंदिर 4 करोड़ रुपए में खरीदा गया था। रात के अंधेरे में राम फकीरे मंदिर की एक-एक ईंट गायब कर दी गई। संतोष दुबे ने राम फकीरे मंदिर को गायब करने का आरोप चंपत राय पर लगाया है।

संतोष दुबे का चंपत राय पर गंभीर आरोप

हिंदू धर्म सेना प्रमुख संतोष दुबे ने कहा- राम फकीरे मंदिर 4 करोड़ रुपए में खरीदा गया था। मैंने उस मामले में मुकदमा दायर किया था। जनपद के सबसे बड़े वकील स्वर्गीय रणजीत लाल वर्मा ने इस मामले की पैरवी की। उन्होंने मुकदमे की बहुत अच्छी ड्राफ्टिंग की। 6 महीने के बाद रात के अंधेरे में सभी कुछ मैनेज करके चंपत राय बंसल ने पूरा राम फकीरे मंदिर जमीनदोज कर दिया। मंदिर की एक-एक ईंट रात के अंधेरे में गायब कर दी।

संतोष दुबे ने आगे कहा कि मैं मंदिर की मूर्तियां इसी ट्रस्ट से मांगता रहा। उन्होंने कहा- मैं कहता रहा कि आप मूर्तियां दे दो, लेकिन कुछ नहीं मिला। जानकारी हुई की सभी मूर्ति गायब कर दी गई हैं और चंपत राय ही उसके बारे में जानते हैं। इस तरह दर्जनों जमीन की खरीद फरोख्त हुई है। सभी जमीनों को चंपत राय ने अपने नाम कर लिया। राम निवास मंदिर, उसके साथ भी यही हुआ।

सपा ने मांगा CM योगी का इस्तीफा

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक रविदास मेहरोत्रा ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर बीजेपी और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली UP सरकार पर हमला बोला है। रविदास मेहरोत्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तुरंत इस्तीफे की मांग की है। इसके साथ ही राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की पैरवी की है।

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि राम मंदिर में जो चोरी हुई है, उस पर मुख्यमंत्री सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश से जांच क्यों नहीं करा रहे हैं? इस संवेदनशील और पवित्र स्थान पर हुई चोरी के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्हें एक दिन भी सत्ता में नहीं रहना चाहिए।